अमित राजावत: नोट: नीचे दिया गया लेख लेखक द्वारा अपने शैक्षणिक भ्रमण एवं सोशल मीडिया ट्रेनिंग कार्यशाला (संभावना इंस्टीट्यूट, पालमपुर,… READ MORE
जंग हिंदुस्तानी: कतरनिया घाट में जंगल की सैर करने के लिए पालतू हथिनी सीताकली और चंपाकली एक साथ जाया करती… READ MORE
जंग हिन्दुस्तानी: जंगल में एक दिन हलचल मच गई। गिलहरी, खरगोश, नेवला, तोता, चिड़िया और कई छोटे-छोटे जानवर एक जगह… READ MORE
राकेश जाधव: लिखते-लिखते कोरे कागज ख़त्म हो गए थे, मैंने फ़टाफ़ट अपने ढीले कपड़े खूंटी पर लटकाए और झोला उठाकर… READ MORE
शैलेश, रिंपी: कार्य के दौरान लोगों को जानने और समझने की प्रक्रिया में जुड़ते हुए, मैंने जंगी हिंदुस्तानी का नाम… READ MORE
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पूजा यादव: रक्षा बंधन के बाद हमारे यहाँ एक छोटा-सा मेला लगता है, जिसको पड़इनिया का मेला कहते हैं। यह… READ MORE
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विनीत काण्डपाल : सत्यनारायण व्यास जी की आत्मकथा ‘क्या कहूं आज’ उनके संघर्ष की कथा है। ऐसा अनवरत संघर्ष जिसने… READ MORE
महिपाल मोहन : उत्तराखंड के वन गुज्जर का इतिहास– आज अगर हम मनुष्य के इतिहास में जाकर देखते हैं तो… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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