अमित: शिक्षा व्यवस्था की समस्या यह नहीं है कि इसमें हर तरह के पेपर लीक होते हैं। शिक्षा व्यवस्था की… READ MORE
सत्यम : आज ‘युवानिया’ का सौवां अंक आपके साथ साझा हो रहा है। इस पाक्षिक वेब पत्रिका ने एक लंबा… READ MORE
लाल प्रकाश राही: दुनिया के मज़दूरों एक हो जाओ का नारा भले ही साम्यवाद के प्रणेता कार्ल मार्क्स और उनके… READ MORE
अमित भाई: जबसे यह पता चला है कि हमारे देश में 40 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या युवाओं की है, इनकी… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress