अमित राजावत: नोट: नीचे दिया गया लेख लेखक द्वारा अपने शैक्षणिक भ्रमण एवं सोशल मीडिया ट्रेनिंग कार्यशाला (संभावना इंस्टीट्यूट, पालमपुर,… READ MORE
पूजा मीणा: राजस्थान राज्य के छित्तौड़गढ़ ज़िले के एक छोटे से गाँव बहेरूखेड़ा में कला नाम की एक लड़की रहती… READ MORE
भरत भट्ट: दूर कहीं एक दीपक जल रहा था,मेरे जेहन में तुम्हारा ख्याल पल रहा था,तुम्हें सोचते सोचते रात इतनी… READ MORE
नंदिनी शर्मा: नौकरी जीवन का एक हिस्सा है,पर पूरा जीवन नहीं।।यह बात जानते हुए भीहम काम के बीच कहीं इसे… READ MORE
भरत भट्ट: वो गुज़र रही है धीरे से मेरी लाश के ऊपर सेचार क़दम चढ़े है मेरे, कफ़न के ऊपर… READ MORE
जंग हिंदुस्तानी: कतरनिया घाट में जंगल की सैर करने के लिए पालतू हथिनी सीताकली और चंपाकली एक साथ जाया करती… READ MORE
अमित: हमारी गौकरण भाई से पहली मुलाकात छत्तीसगढ़ के तिल्दा स्थित एकता परिषद के सेंटर पर हुई थी। हम लोग… READ MORE
राकेश जाधव: लिखते-लिखते कोरे कागज ख़त्म हो गए थे, मैंने फ़टाफ़ट अपने ढीले कपड़े खूंटी पर लटकाए और झोला उठाकर… READ MORE
दीपक रंजीत : कैसे एक मृतप्राय आंदोलन को – “उत्तराखंड मेरी मातृभूमि, उत्तराखंड मेरी पितृभूमि” – गीत गाकर फिर से… READ MORE
गुफरान : यह पंक्तियाँ केवल एक गीत नहीं, बल्कि जीवन का दर्शन हैं। इन्हें लिखने वाले थे जनता के गीतकार… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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