गिरीश कुमार: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के गोंड बाहुल्य आदिवासी गाँवों में कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि प्रकृति,… READ MORE
कोर्दुला कुजूर: झारखंड के सभी आदिवासी समाजों में बीज बोने की रीतियाँ और परंपराएँ लगभग एक जैसी हैं। साथ ही… READ MORE
जीवतलाल परमार: दक्षिण राजस्थान का आदिवासी अंचल अपनी समृद्ध संस्कृति, प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव और पारंपरिक कृषि व्यवस्था के… READ MORE
गिरीश कुमार: छत्तीसगढ़ को लंबे समय से “धान का कटोरा” कहा जाता रहा है। यह पहचान जहाँ एक ओर धान… READ MORE
कोर्दूला कुजूर: आषाढ़ महीना आते ही पानी बरसने पर किसान अपने खेतों को तैयार करने लगता है और बिचड़ा लगा… READ MORE
मंजुलता मिरी: देश में मज़दूर वर्ग हमेशा से कठिन परिस्थितियों में जीवन जीता आया है, लेकिन दलित और आदिवासी समुदाय… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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