मंजुलता मिरी: देश में मज़दूर वर्ग हमेशा से कठिन परिस्थितियों में जीवन जीता आया है, लेकिन दलित और आदिवासी समुदाय… READ MORE
संजीव कुमार: सहरिया जनजाति, जो PVTG की सूची में शामिल है, यह देश की अत्यंत पिछड़ी जनजातियों में से एक… READ MORE
पूजा मीणा: राजस्थान राज्य के छित्तौड़गढ़ ज़िले के एक छोटे से गाँव बहेरूखेड़ा में कला नाम की एक लड़की रहती… READ MORE
मंजूलता मिरी: ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में महिलाओं के पास भूमि स्वामित्व न होना उनकी सबसे बड़ी असुरक्षा रही है।… READ MORE
संजीव: यह कहानी मध्यप्रदेश के भिंड जिले के मालनपुर क्षेत्र से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित एक बस्ती की है,… READ MORE
प्रफुल्ला मिश्रा: ଆଦିବାସୀ ଶଦ୍ଦ କୁ ତର୍ଜମା କଲେ ଏହା ସ୍ପଷ୍ଟ ଯେ ବିଭିନ୍ନ ଭୂଖଣ୍ଡ ରେ ଆଦ୍ୟ ବାସିନ୍ଦା ହୋଇଥିବାରୁ ସେମାନେ ଆଦିବାସୀ ବା ମୂଳ… READ MORE
शंकर तड़वाल: भारत के देशज माने जाने वाले आदिवासी लोगों का अपना अस्तित्व बचाने के लिए अपनी ओर से अनेक… READ MORE
कोर्दुला कुजूर: जल, जंगल, ज़मीन का संघर्ष आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण संघर्ष रहा है। दुनिया के सभी आदिवासी अपने जीवन… READ MORE
डॉ. जितेंद्र मीणा: प्रस्तावना : भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में वर्ष 2023–24 को एक ऐसे निर्णायक मोड़ के रूप में… READ MORE
वाहरू सोनवणे: आदिवासियों के मुद्दे और आदिवासियों के विकास के लिए आदिवासियों को आगे आना चाहिए, एकजुट होना चाहिए, अधिकारों… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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