श्रुति संस्था के साथी महिपाल ‘मोहन’ ने खेमराज भाई के रोज़ाना के फेसबुक स्टेटस को कहानियों के रूप में संकलित… READ MORE
अभिषेक दास: ओमप्रकाश वाल्मीकि, हिंदी दलित साहित्य के प्रमुख लेखकों में से एक हैं जिन्होंने कविताएं लिखीं, ‘ठाकुर का कुआं’… READ MORE
युवानिया डेस्क: नंदिनी ओझा द्वारा लिखित किताब ‘संघर्ष नर्मदा का’, नर्मदा बचाओ आंदोलन में नर्मदा घाटी के लोगों, ख़ासकर आदिवासी… READ MORE
शिवांशु मिश्रा: पिछले दिनों अपनी लाइब्रेरी में किताबें खोजने के दौरान एक शीर्षक देखकर अचानक रुक गया और किताब को… READ MORE
सिद्धार्थ: 9 अगस्त को भारत सहित दुनिया भर में विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। लेकिन आदिवासी हैं कौन? ट्राईबल, इंडिजीनियस,… READ MORE
सिद्धार्थ: अमृता प्रीतम भारतीय साहित्य के कुछ उन चुनिन्दा नामों में से एक है जिन्होंने अपनी लिखावट को किसी एक… READ MORE
अमित: आज भी देश के गाँवों में ऐसा माहौल है कि एक दलित किसी उच्च जाति के लोगों के ख़िलाफ़,… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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