विकास:

24 अप्रैल, 2026 को चक्रधरपुर (झारखंड) के गुडासाईं गाँव में हमारे संगठन की प्रिय साथी रासमनी ताँती का विवाह उत्तर प्रदेश के जौनपुर ज़िले के मुरकी ग्राम निवासी रवि गौतम के साथ संपन्न हुआ। इस विवाह ने समाज के सामने एक साहसिक एवं प्रेरणादायक मिसाल पेश की है, क्योंकि दोनों ने जाति-पाती के बंधनों को तोड़ते हुए “हम सबके पूर्वज एक हैं” की विचारधारा को व्यवहार में उतारा। 24 अप्रैल 2026 को, दोनों ने बिना किसी पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान के, एक प्रगतिशील विवाह संकल्प-शपथ के माध्यम से अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। इस शपथ में उन्होंने आपसी समन्वय, समानता, सम्मान और सहयोग के साथ जीवन बिताने तथा एक बेहतर, न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस विवाह का सिविल मैरिज एक्ट के तहत पंजीकरण कराने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। रासमनी ‘वाहिनी विचारधारा’ से प्रेरित रही हैं, जिसमें छात्र जीवन से ही जाति एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों को तोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

रासमनी और रवि की मुलाकात वर्ष 2020 में श्रुति द्वारा संचालित ‘राष्ट्रीय सामाजिक परिवर्तन शाला’ के एक शिविर में प्रतिभागियों के रूप में हुई थी। एक साझा सोच और मूल्यों से शुरू हुई यह दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम में बदली और दोनों ने साथ में जीवन बिताने का निर्णय लिया।

कोल्हान के सुदूर देहात में स्थित इस गाँव में विवाह के आयोजन में ग्रामीणों ने भरपूर सहयोग दिया और बिना किसी सामाजिक तनाव के यह विवाह सम्पन्न हुआ। शादी में रासमनी की सभी बहनें, भाई, जीजा एवं अन्य रिश्तेदार उपस्थित रहे। लड़के के पिता, भाई, बहन एवं अन्य निकट संबंधी भी इस दौरान मौजूद रहे।

लड़के के पिता कैलाश गौतम भी साम्यवादी विचारों से प्रेरित हैं। संकल्प-शपथ के बाद उन्होंने कहा कि जाति और पाखंड मुक्त समाज का निर्माण उनका लक्ष्य है तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना आवश्यक है। इसलिए उन्होंने अपने सभी बच्चों का विवाह शपथ-पत्र के माध्यम से ही कराया है। 

वरिष्ठ साथी अरविंद अंजुम ने कहा कि मनुष्य सिर्फ एक प्रजाति है, दुनिया में कोई जाति नहीं है। प्रकृति ने केवल प्रजाति बनाई है, जाति मनुष्यों द्वारा निर्मित है। इंसान जब कोई चीज बनाता है तो वह अच्छी भी हो सकती है और बुरी भी। इसलिए अच्छी चीजों को आगे बढ़ाना और गलत चीजों को छोड़ना चाहिए।

विवाह समारोह में कुमार दिलीप, शशांक शेखर, अंकुर, विकास, श्वेता शशि, जगत नारायण एवं झारखंड सामाजिक परिवर्तन शाला के मौजूदा प्रतिभागी- नारायण, मनीषा पिंगुआ, सागर सिंकू और सुभद्रा भी मौजूद रहे और अपनी शुभकामनाओं के साथ दोनों साथियों के नए सफर के साक्षी बने।

Author

  • विकास युवा विचारक, स्वतंत्र पत्रकार एवं प्रगतिशील सिनेमा आंदोलन से जुड़े हैं, झारखंड के निवासी,हैं और फिलहाल विशाखापटनम में रहते है।

    View all posts

Leave a Reply

Designed with WordPress

Discover more from युवानिया ~ YUVANIYA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading