सुरेश राठौर: साथियों, देश ही नहीं, दुनिया भर में मज़दूरों को हमेशा से ही दोयम दर्जे का माना गया है।… READ MORE
समित कुमार कर: 01 मई से जुड़ी ऐतिहासिक पृष्ठभूमिः उद्देश्यः यह दिन उन लाखों मज़दूरों के बलिदान को सलाम करने… READ MORE
गुफरान: भारतीय लोकतंत्र की चर्चा जब भी होती है, एक शब्द बार-बार सामने आता है। संवैधानिक नैतिकता। यह शब्द सुनने… READ MORE
सुरेश राठौर: महिला मज़दूर सम्मेलन का कार्यक्रम मज़दूर दिवस के उपलक्ष्य में किया गया। जिसका उद्देश्य महिला श्रमिकों की समस्याओं… READ MORE
रिपोर्ट: अशोक तांगडे, संकलन – महीपाल सिंह: यह लेख बीड ज़िले में काम कर रहे अशोक तांगडे भाऊ के साथ… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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