मधुलिका: हमारा संगठन मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं का संगठन है। ये नरेगा में काम करने वाले… READ MORE
अंकिता, प्रियंका: हर साल 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है। यह दिन केवल एक… READ MORE
नम्रता मिश्रा: शहरों के कई इलाकों में सुबह-सुबह कपड़ों के बड़े-बड़े ढेर दिखाई देते हैं। इन ढेरों में से इस्तेमाल… READ MORE
ज़ेबा वसी: भारत में पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से ग्लोबल वार्मिंग तेज़ी से बढ़ी है, उसका असर अब… READ MORE
(आदिवासियों के लिए रोजगार बना अभिशाप) संजीव कुमार: रोज़मर्रा की इस भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में न जाने कितनी समस्याओं का… READ MORE
सुरेश राठौर: साथियों, देश ही नहीं, दुनिया भर में मज़दूरों को हमेशा से ही दोयम दर्जे का माना गया है।… READ MORE
खिमा जेठी: उत्तराखंड भारत का एक पहाड़ी राज्य है, जहाँ की प्राकृतिक सुंदरता जितनी आकर्षक है, जीवन उतना ही कठिन… READ MORE
समित कुमार कर: 01 मई से जुड़ी ऐतिहासिक पृष्ठभूमिः उद्देश्यः यह दिन उन लाखों मज़दूरों के बलिदान को सलाम करने… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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