मंजुलता मिरी: देश में मज़दूर वर्ग हमेशा से कठिन परिस्थितियों में जीवन जीता आया है, लेकिन दलित और आदिवासी समुदाय… READ MORE
सुरेश राठौर: महिला मज़दूर सम्मेलन का कार्यक्रम मज़दूर दिवस के उपलक्ष्य में किया गया। जिसका उद्देश्य महिला श्रमिकों की समस्याओं… READ MORE
रिपोर्ट: अशोक तांगडे, संकलन – महीपाल सिंह: यह लेख बीड ज़िले में काम कर रहे अशोक तांगडे भाऊ के साथ… READ MORE
जीनित सामाद: भारत का ग्रामीण समाज लंबे समय से आजीविका, पलायन और असुरक्षा के त्रिकोण में फंसा रहा है। ऐसे… READ MORE
जीवतलाल परमार: मनरेगा की समस्याएँ और नई योजना को लेकर बढ़ती चिंताएँ राजस्थान के डूंगरपुर ज़िले का आदिवासी क्षेत्र लंबे… READ MORE
धर्मेन्द्र और थानेश्वर : शाहबाद डेयरी, दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय वेस्ट पिकर्स डे के अवसर पर लोकाधिकार, दिल्ली राउंड टेबल, सेंटर… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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