धर्मेन्द्र और थानेश्वर :
शाहबाद डेयरी, दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय वेस्ट पिकर्स डे के अवसर पर लोकाधिकार, दिल्ली राउंड टेबल, सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल डेवलपमेंट फाउंडेशन तथा ऑल इंडिया कचरा श्रमिक महासंघ के संयुक्त सहयोग से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 150 वेस्ट पिकर्स ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य वेस्ट पिकर्स के योगदान को सम्मान देना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी साझा करना था।
कार्यक्रम में लोकाधिकार संगठन के संस्थापक धर्मेंद्र यादव उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वेस्ट पिकर्स शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके बिना ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की कल्पना अधूरी है। उन्होंने संगठनों द्वारा वर्षों से किए जा रहे प्रयासों-जैसे पहचान, संगठन, अधिकारों की पैरवी और सरकारी योजनाओं से जोड़ने-पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित दिल्ली लेबर वेल्फेयर बोर्ड के पूर्व सदस्य एवं लोकाधिकार संगठन के अध्यक्ष थानेश्वर दयाल आदिगौड़ ने भी वेस्ट पिकर्स को सम्मानित किया और इस दिवस के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि यह दिन न केवल सम्मान का प्रतीक है, बल्कि एकजुट होकर अपने अधिकारों की मांग को मजबूत करने का अवसर भी है।
कार्यक्रम के दौरान सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल डेवलपमेंट फाउंडेशन की टीम-पवन, नाज़िया, आबिदा और जगदीश्वर-ने वर्तमान में चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वेस्ट पिकर्स के आभा कार्ड और ई-श्रम कार्ड बनवाने की प्रक्रिया जारी है, ताकि उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा लाभों से जोड़ा जा सके।
साथ ही, नमस्ते योजना के अंतर्गत वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग की जा रही है, जिससे उन्हें औपचारिक पहचान मिल सके और वे विभिन्न सरकारी लाभों के पात्र बन सकें।
कार्यक्रम में बताया गया कि नमस्ते योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास, वित्तीय समावेशन, बीमा तथा अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सकता है। प्रतिभागियों के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने अपनी समस्याएँ और सुझाव साझा किए।
यह कार्यक्रम वेस्ट पिकर्स के सम्मान, सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सामूहिक पहल साबित हुआ।









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