सौरव बनर्जी: हमारी वानर से मनुष्य बनने कि कहानी अजब श्रम की एक ग़ज़ब कहानी है। कहानी खास इसलिए है… READ MORE
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श्रुतिका साह: मैं रचूंगी तुम्हारे लिएइस शताब्दी की सबसे विवादित नज़्म,जिसकी शुरुआती पंक्तियों में ज़िक्र होगाउस दीये काजोमैं तुम्हारे अंतस… READ MORE
री-पोस्ट, युवानिया पत्रिका: 12 वीं पास ये सज्जन करते हैं मोची का काम, देते हैं यूनिवर्सिटियों में लैक्चर और इनके… READ MORE
अमरपाल सिंह वर्मा : हमारे देश में अक्सर महिलाओं के अधिकारों की बात की जाती है, समानता के नारे गूंजते… READ MORE
निशा त्रिपाठी : अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस दुनिया भर के 50 से अधिक देशों में मनाया जाता है। हमारे देश में… READ MORE
संजय पराते: यदि पत्रकारिता लोकतंत्र की जननी है या पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं, तो यकीन मानिए, 3 जनवरी… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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