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विनीत काण्डपाल : सत्यनारायण व्यास जी की आत्मकथा ‘क्या कहूं आज’ उनके संघर्ष की कथा है। ऐसा अनवरत संघर्ष जिसने… READ MORE
महिपाल मोहन : उत्तराखंड के वन गुज्जर का इतिहास– आज अगर हम मनुष्य के इतिहास में जाकर देखते हैं तो… READ MORE
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युवानिया डेस्क : सोशल मीडिया से साभार एरिक नाम के 22 वर्षीय फायरमैन ने एक कॉल का उत्तर देते हुए… READ MORE
जागृति सोनकर : मैं दिलकुशा की रहने वाली हूँ। मेरे परिवार में आठ लोग रहते हैं। मेरे पापा पेंटिंग करने… READ MORE
इच्छा और जानवी : इच्छा और जानवी दोनों ने अपने मोहल्ले को लेकर एक किस्सा गोई तैयार किया है –… READ MORE
अफ़ाक : जंगल और पहाड़ हमको हमेशा अपनी ओर खींचते रहे हैं। बतौर पर्यटक हम बाहरी सुंदरता देखते-समझते हैं। दो-चार… READ MORE
संजीव कुमार : कुछ कहानियाँ अधूरी होके भी पूरी हो जाती हैं, तो कुछ कहानीयाँ पूरी होके भी अधूरी रह… READ MORE
शैलेश समावेसी : सुबह से ही गाँव में बहुत चहल-पहल और शोर-शराबा देखने और सुनने को मिल रहा था। कोई… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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