सिम्मी, जागृति और राम सिंह : 

“रूढ़िवादी परंपरा की जंजीरों को तोड़ दो, महिलाएं कमजोर नहीं ऐसा कहना छोड़ दो” दूसरा किशोरी अधिवेशन, प्रेरणा किशोरी विकास केंद्र, 12 जनवरी  2025 / जिंगल बेल एकेडमी, फैज़ाबाद, अयोध्या 

पृष्ठभूमि: गर्ल्स कन्वेंशन की तैयारी करने के लिए फोरम के सभी साथियों के साथ यूथ रिसोर्स सेंटर में बैठक किया गया। इस बैठक में टीम के साथ मिलकर कन्वेंशन करने की जगह और तिथि को तय किया गया। सभी साथियों का अलग-अलग समूह बनाया गया, जिसमें प्रोग्राम के सजावट, प्रदर्शनी की तैयारी, फ़ूड और संसाधन के लिए इनविटेशन देने के लिए समूह का निर्माण किया गया। इसी के साथ सभी को सामुदायिक स्तर पर तैयारी करने और स्टेक होल्डर्स और अभिभावकों को आमंत्रित करने के बारे में भी चर्चा हुई। प्रेरणा किशोरी विकास केंद्र में किशोरियों के साथ मिलकर तैयारी की गयी। जिसमें सभी केन्द्रों पर किशोरियों ने कन्वेंशन में आने वाले प्रतिभागियों और अतिथियों के लिए झोला सिलने का काम किया। किशोरियों ने मिलकर 230 झोला बनाया और दो केन्द्रों पर किशोरियों ने पोस्टर बैनर, क्राफ्ट बनाया। किशोरियों ने प्रदर्शनी के लिए हैंडी क्राफ्ट, लकड़ियों से बने सामान और सजावट के सामान को बनाया। केंद्र पर किशोरियों को कविता पाठ, नृत्य, किस्सा गोई, गीत की तैयारी कराई गई। इसी के साथ 6 किशोरियों के समूह को प्रतिभागियों के लिए बैच बनाने का काम दिया गया और कन्वेंशन में आने वाले प्रतिभागियों के लिए रुमाल पर कढाई का काम किया गया। किशोरियों के साथ गीत अभ्यास के लिए कबीर नाट्य मण्डली के साथ बैठक कराया गया। जिसमें किशोरियों ने सभी वाद्य यंत्रों के साथ गीत का अभ्यास किया। सभी तैयारी के बाद जे. बी. अकादमी के हॉल को सजाने के लिए किशोरियों के साथ प्रदर्शनी को सजाया गया और फोटो गैलरी, रजिस्ट्रेशन कार्नर बनाया गया। इसी के साथ सभी स्टेक होल्डर्स को आमंत्रित करने के लिए लैटर हेड पर आमंत्रित पत्र भेजा गया और सामुदायिक स्तर किशोरियों, अभिभावकों को कन्वेंशन के लिए आमंत्रित किया गया। जो काम पिछले एक वर्ष में अगल अलग अवसरों पर हुआ, उसी का प्रदर्शन कंवेंशन में करने के साथ किया गया।

कन्वेंशन की शुरुआत प्ले फॉर पीस की गतिविधि के साथी हुई। किशोरियों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। प्रेरणा किशोरी विकास केंद्र कार्यक्रम का संयोजन कर रही सिम्मी ने इस कन्वेंशन को करने का उद्देश्य सबसे साझा किया। कार्यक्रम का उद्देश्य है कि किशोरियों ने पिछले एक वर्ष में क्या किया, क्या सीखा, समझा उसकी अभिव्यक्ति करना। जो समझ हैं, उसको यहाँ (कन्वेंशन में) समझना है। जो किया है, उसको सभी के सामने लाना है। गुज़रे साल से सबक लेते हुए अगले साल में काम करने के लिए अधिवेशन से तैयारी करना है। जो दिशा यह अधिवेशन देगा, उसके हिसाब से आगे काम किया जायेगा। यहाँ किशोरियों और हमारी टीम अपने शैक्षणिक अनुभवों को साझा करते हुए विमर्श करेगी। 

साथी मानसी यादव द्वारा एक छोटी सी गतिविधि करायी गयी जहाँ सभी प्रतिभागियों को स्टिकी नोट के माध्यम से अपनी पसंद, नापसंद, आप दुनिया को क्या देना चाहते हैं और आप दुनिया से क्या लेना चाहते हैं, चारों बिन्दुओं पर अपने विचार लिख कर के, उसे चार्ट पेपर पर चिपकाना था। एक्टिविटी से निकल कर आई बातें – 

पसंद: साईकिल चला कर स्कूल जाना, मुझे घर का काम करना पसंद है, मुझे खेलना पसंद है, मुझे डांस पसंद है, मुझे फ़्रेंड के साथ घूमना पसंद है, मुझे गाना गाना पसंद है, मुझे बिरयानी पसंद है, मुझे मेहंदी लगाना पसंद है, मुझे गाड़ी चलाना पसंद है, ड्रिंग बनाना पसंद हैं, सिलाई करना पसंद है, लोगों से बात करना पसंद है, टीम कि कदर करना पसंद  है, एक्टिंग करना पसंद है, सबके साथ रहना पसंद है, मेकप् करना पसंद है, सोलो ट्रेवल करना पसंद है, फैमिली के साथ घूमना पसंद है, गाना पसंद है, कविताएं पढ़ना पसंद हैं, काढई करना पसंद हैं, घूमना और खाना पसंद है, नई नई चीजों को सिखाना पसंद है, आत्मनिर्भर रहना पसंद है, अपने कर्तियों का पालन करना पसंद है, खिलौने खरीदना पसंद है, अपने परिवार वाले बहुत पसंद है, पैदल घुमना पसंद हैं, आदि।

नापसंद: मतलबी लोग नहीं पसंद, सब्जियां खाना नहीं पसंद, झूठे बोलने वाले लोग नहीं पसंद, खाना बनाना नहीं पसंद, मुझे बुराई करना नहीं पसंद, मुझे सुबह उठाना नहीं पसंद है, मुझे ज्यादा बात करना नहीं पसंद, किसी के दबाव में रहा नहीं पसंद, झूठ बोलने वाले लोग नहीं पसंद, लड़का लड़की में भेदभाव करने वाले लोग नहीं पसंद, लड़ाई करने वाले लोग नहीं पसंद, समय से लोग ना आने वाले पसंद नही है, स्कूल का काम करना नहीं पसंद, किसी के दबाव में रहा नहीं पसंद, बुराई करना नहीं पसंद है, आदि।

आप दुनिया से क्या चाहते हैं: सब लोग एक दूसरे से प्यार करें, एक दूसरों कि जरूरतों को समझना, एक दूसरे का साथ देना, लड़कियाँ और लड़कों में फर्क ना करें, इस दुनिया को साफ सूत्र रखना चाहिए, सभी लोग अपने देश के लिए ईमानदार रहे, इस दुनिया में कोई बुरा काम ना करें, खुशी प्रेम सहानुभूति और सहयोग, मानवतापूर्ण व्यहवार, लड़कियों पर ज्यादा रोक-टोक नहीं लगानी चाहिए, हम जैसे हैं दुनिया हमें वैसे ही अपनाएं, प्रेम और विश्वास, आदि।

आप दुनिया को क्या देना चाहते हैं: बुरा काम ना करें, माँ-बाप का समान, किसी की बुराई कोई ना करें, किसी को  धोखे में नहीं रखना चाहिए, मदद करना, लड़की लड़का में भेदभाव नहीं करना चाहिए, सब लोग एक साथ मिलजुल कर रहे, हम यह चाहते हैं कि दुनिया में की कोई ज़ुल्म ना हो, कोई किसी पर अत्याचार ना करें, ज़िम्मेदारी के साथ काम करें। इस गतिविधि के बाद सभी ने अपने अपने नोट्स को अलग अलग पोस्टर पर चिपकाया और सभी अपने स्थान पर बैठ गए। 

मंच पर सहादत अली खाँ की छावनी केंद्र की किशोरियों ने “गीत गा रहे है आज हम” गीत गया और कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सिम्मी को मंच पर आमंत्रित किया गया। सिम्मी ने प्रेरणा किशोरी विकास केंद्र के पिछले एक साल के कामों को पीपीटी के माध्यम से प्रेजेंट किया व हुए कामों के बारे में बताया। हमारी क्या लर्निंग रही और इस एक साल में हमारी क्या उपलब्धियां रहीं, इन पर भी बातचीत सभी के साथ साझा की।

इसके साथ साथी रबाब अंजुम ने कार्यक्रम संचालन की ज़िम्मेदारी संभाली। रबाब ने अपना परिचय देने के साथ बताया की लम्बे वक़्त तक घर पर रहने के बाद उन्होंने फिर से काम शुरू किया है। किशोरियों के साथ शिक्षण-प्रशिक्षण के कामों को आगे बढ़ने में उन्हें मज़ा आ रहा है। किशोरियों को केंद्र से जुड़कर क्या सिखा-समझा, उसको साझा करने के लिए प्रेरणा किशोरी विकास केंद्र छावनी की अलकमा को आमंत्रित किया।

अलकमा ने बताया कि कैसे वे पढ़ाई छोड़ दी थी, घर पर ही रहती थी। लेकिन प्रेरणा किशोरी विकास केंद्र के संपर्क में आने के बाद उन्होंने अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाया। नाच, गाना, डांस भी सीखे और अच्छे दोस्त भी बनाये। साथ ही केंद्र के साथ जुड़कर अपने लिखने-पढ़ने पर काम किया। वे बताई कि वो अब रोज़ स्कूल जाती हैं और वहाँ से घर नहीं, सीधे अपने केंद्र पर जाती हैं। वो बतायीं कि उन्हें अब लिखने-पढ़ने और सीखने में मज़ा आ रहा है।

सानिया ने बताया कि मैंने अवध पीपुल्स फोरम से लोगों से मिली, उनके सामने आत्म विशवास के साथ उनसे बात करना सिखा, कंप्यूटर, सिलाई, पढ़ाई, आर्ट सिखा। स्कूल के साथ अभी हमारे मोहल्ले में भी दोस्त बने हैं और मैंने बाहर की लड़कियों के साथ भी मिलना जुलना बढ़ाया हैं। साथ में काम करना भी आया हैं। हमने कंवेशन की तैयारी में बहुत काम किया हैं। अभी हम अजनबी लोगों से डरते भी नहीं हैं। 

रबाब ने संचालन करते हुए कहा कि ग्रेजुएशन की पढ़ाई उन्होंने साकेत कॉलेज, फैजाबाद से किया है, फैशन डिजाईन का कोर्स मुंबई से की है लेकिन शादी के बाद लगभग 9 साल बाद अवध पीपुल्स फोरम के साथ काम करना शुरू किया। अवध पीपुल्स फोरम के साथ एक साल से जुड़कर इन्होनें प्रेरणा किशोरी विकास केंद्र सहादत अली खां की छावनी का संचालन कर रही है। इस कार्य के अनुभव को बताते हुए उन्होंने इन एक साल में हमने आत्म विश्वाश के साथ सभी के सामने बोलना और सामाजिक मुद्दों पर समझ बनाना सिखा, उसके अलावा एक लम्बे समय से पढाई लिखाई छूट गई, उस कौशल को वापस से मजबूत करने का मौका मिला। समुदाय में लोगो से मिलना और लोगों से जुड़ाव बनाना सिखा. सिलाई कढ़ाई शुरुआत कर मुद्दों पर समझ बनानी सीखी हूँ। यह मैं समझ पाई हूँ कि सिर्फ कौशल से ही सब तरह का विकास नहीं हो सकता, बल्कि मुद्दों की समझ, नज़रिया निर्माण भी ज़रूरी हैं। रबाब ने आगे का संचालन करने के लिए जागृति को मंच पर आमंत्रित किया। 

जागृति ने अपना परिचय देते हुए अगले कार्यक्रम की आगे बढ़ाते हुए मेहदौना में काम कर रहे बीड़ी बनाने वाली किशोरियों के बारे में बताया। उसके बाद बीड़ी वर्कर की स्थिति को जानने और समझने के लिए मानसी और पूजा को मंच पर आमंत्रित किया. दोनों साथियों ने किस्सा गोई के माध्यम से बीड़ी कामगार किशोरियों और महिलाओं की क्या चुनौतियाँ है। वह यह काम क्यों करते है इस विषय किस्सा गोई के माध्यम से सभी को बताया। मेह्दौना केंद्र की किशोरियां और कबीर संगीत नाट्य मंडली के साथ खेते खेते नाच रहे रे मनवा गीत प्रस्तुत किया। जागृति ने दिलकुशा केंद्र का परिचय देते हुए दिलकुशा केंद्र की किशोरियां को एक दिन बिक जायेगा माटी के मोल गीत प्रस्तुत करने के लिए मंच पर बुलाया, इस गीत की प्रस्तुति काजल, सिमरन, अजरा, सलोनी, अलीशा ने उत्साह के साथ गीत को गया. गीत प्रस्तुति के बाद किशोरियों को अपने अनुभव साझा करने के लिए बुलाया गया।

हर्षिता ने बताया कि मैं एक साल से संस्था से जुड़कर खेलकूद, नाच, गाना, आर्ट सीखा और अब मैं अन्य लोगों से अच्छे से बात करने में संकोच भी नहीं करती हूं और साथ प्रेरणा किशोरी विकास केंद्र द्वारा आयोजित कार्यशालाओं में जुड़कर मैंने अपने संवाद प्रक्रिय को मजबूत किया और सामाजिक मुद्दों पर समझ बनाया। 

अवंतिका ने कहा की हम प्रेरणा किशोरी विकास केंद्र से जुड़कर काम कर रही हूं और मैंने केंद्र से पढ़ाई, नाचना, गाना आदि सीखा है. यह केंद्र किशोरियों के लिए प्रेरणा का एक अच्छा स्रोत है। साथ ही भविष्य में मै क्या पढाई करुँगी इस विषय पर लोगों के साथ बातचीत करती हूँ।

किशोरियों के अनुभव साझा के बाद दिलकुशा केंद्र की किशोरियों द्वारा एक नाट्य – जेब में हमारे दो रूपया प्रस्तुत किया। सिमरन ने कविता ख्वाहिश नहीं मुंशी प्रेमचंद जी पढ़ी।

इसी कार्यक्रम में माही और हर्षिता ने किस्सा गोई दिलकुसा कैसा है पढ़ा।

अलीशा बानो एवं अन्य किशोरियों ने गीत जिंदगी सफर है सुहाना कल क्या हो किसने जाना गीत गाया।

मेहदौना केंद्र से मानसी ने कब तक अपने भारत की बेटी गीत गाया।

किशोरी शेयरिंग में खुशबू  ने कहा कि मैं कक्षा आठवीं की छात्रा हूं। मैं अपनी सारी समस्या दीदी से शेयर करती हूं और दीदी व हमारा केंद्र के सहयोग से मेरे अभिभावक अपनी रजा मंदी से यूनिवर्सिटी घूमने जाने दिए जो कि मेरे लिए बिल्कुल नया था। मुझे बहुत कुछ देखने एवं सीखने को मिला। 

नैंसी ने केंद्र पर काम कर रही हूं मैंने केंद्र के साथ जुड़ाव होने पर पहली बार कुमागंज यूनिवर्सिटी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विजिट किया. जहां मैने काफी कुछ देखा और सिखा, जिसमें मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ा। नैन्सी में कविता पाठ किया ओ स्त्री हो जा दबंग प्रस्तुत किया। शिवानी और कुसुम गीत ‘पढ़ना लिखना सीखो’ प्रस्तुत किया। कंवेशन का संचालन आरजू ने शुरू किया। उन्होंने अपने अनुभव के साथ बातचीत शुरू किया। व्यवस्थित तौर पर लड़कियों के साथ काम करने का यह उनके लिए पहला मौका हैं. इस मौके में सीख, चुनौतियाँ सभी कुछ शामिल हैं। इन सबके साथ आदीफा, आयजा हुदा ने अलग अलग गानों पर गीत प्रस्तुति किया। 

फोरम के साथी आफाक ने मंच पर पैनल के साथियों को मंच पर आमंत्रित किया। सुबह से बातचीत, प्रस्तुति, गीत, डांस, प्रदर्शनी, खेल को समझते हुए कैसे हम किशोरियों के साथी प्रेरणा किशोरी विकास केंद्र के कामों को आगे बढ़ाया जाए। इस विषय पर पैनल के साथियों से बात रखने का आग्रह किया।

पैनल में मंच पर अतिथियों का स्वागत किया जिसमें साथी फोरम उत्तर प्रदेश से शशि भूषण सर, गोमित शिक्षण संस्थान से शाम परवीन, सरजू फाउंडेशन से शिवांशु मिश्रा, साकेत पीजी कालेज के प्रो डॉक्टर अनिल सिंह सर, जिंगल बेल स्कूल सोसाइटी से सुजाता सिंह, अवध पीपुल्स फोरम से गुफरान और सिम्मी पैनालिस्ट रहे। 

पैनल की तरफ से शमा परवीन ने कहा कि किशोरियों लड़कियों के लिए उनके गाँव मोहल्ले में सीखने समझने का स्पेस बनाना बहुत ज़रूरी हैं। यह आपके जो प्रयास हैं, वह सार्थक दिशा में आगे जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। लड़कियों को थोड़ा साथ मिले और उनपर विश्वास किया जाए तो लड़कियाँ अपने बारे में सोचने समझने में सक्षम हो सकती हैं। आप सभी के एक साल के कामों को देखने समझने से लगता हैं, इसको और संगठित करना चाहिए। क्रम बाध्य तरह से कामों का नियोजन होने से और बेहतर नतीज़े सामने आ सकते हैं।

शिवांशु ने अपने कॉलेज के प्रोफेसर का उदाहरण प्रस्तुत किया, जो पूर्व निर्धारित धारणओं से ग्रसित थे। फिर शशि भाई की पुरानी बात को याद करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति के पास जो होगा, वह वही दे सकता हैं। कोई तेज़ाब लेकर चल रहा हैं, वह तेज़ाब ही देगा। आप गुलाब लेकर चलिए, आप गुलाब बांटेगा। आपको तय करना है कि आप समाज को क्या देना चाहते हैं। सामुदायिक केंद्र के लिए अपना स्पेस होना चाहिए। स्पेस ना होने से ठोस काम नहीं हो सकता हैं। इसके लिए फोरम के साथियों को काम करना चाहिए। आप चाहे तो एक टीम संसाधन जुटाने के लिए भी बना सकते हैं. यह जो एक्स्ट्रा कारिकुलम नाटक गीत, डांस, खेल को कहा जाता हैं, यही कारिकुलम हैं. इस विषय पर समझ साफ होनी चाहिए। 

सुजाता सिंह ने बताया कि मैंने भी थिएटर ज्वाइन किया था। आगे बताया कि जब हम परफॉर्मेंस देते हैं तो सामने न देखकर हमें खुद पर फोकस करने की जरूरत होती है। उन्होंने जेंडर बेस पारिवारिक कार्यों में भागीदारी करने की भी बात कही और विवेकानंद जी के एक कथन का जिक्र कर कहा कि जैसे कबूतर का एक पंख के टूट जाने पर वह नहीं उड़ सकता, ठीक वैसे ही पुरुष एवं महिला के भागीदारी के बिना समृद्ध राष्ट्र निर्माण नहीं हो सकता है। खुशी जाहिर करते हुए इस कार्यक्रम से वह जुड़ी रहेंगी. जहाँ ज़रूरत होगी, शामिल होंगे। इस संबंध में वह अपने ठोस सुझाव आगे देंगी। 

मो गुफरान ने कहा कार्यक्रम की सराहना से अपनी बात शुरू करते हुए फोरम के शुरुआती दिनों की यादों किया। यादों को ताजा करते हुए बताया कि हम लोगों ने तय किया था कि अपने शहर में शांति एवं सद्भाभाव पर काम करते हुए समावेशी समाज बनाना लक्ष्य होगा। ऐसा करने में वर्षों का लंबा समय लगता है. जिसको हमने करते हुए आज हमने सामुदायिक केंद्र के संचालन के माध्यम से नेतृत्व प्रदान किया। जिससे किशोरियों के जीवन में बेहतरी आई हैं। अंत में उन्होंने कहां कि हमारे नए एवं पुराने साथियों ने हमारे हर प्रयास में बेहतर सहयोग किया। जिसका मैं तहे दिल से धन्यवाद देता हूं और सभी साथियों को हम नियमित आपने कामों में शामिल करते हुए काम करेंगे।

डॉ अनिल सिंह सर ने कार्यक्रम पर खुशी जाहिर किया। छात्र एवं शिष्य के स्वास्थ्य संबंध की चर्चा करते हुए कहा कि किशोर एवं किशोरियों के द्वारा सीखने वा समझने आदि का उनके जीवन में गहरा प्रभाव रहता है। उन्होंने जापानी कविता तोतो चैंग के नैसर्गिक विकास कोई धार देने को लेकर चर्चा किया तथा वहीं दूसरी कोरियाई कविता अपने पड़ोसी के घर अंधेरा देख चांद का टुकड़ा अपने पड़ोसी के घर में दौड़ कर उजाला करने की बात से किशोरी एवं किशोरियों के व्यक्तित्व निर्माण में नैसर्गिक विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में हमें अवांछित तत्वों से बचकर रहना चाहिए तथा जाति धर्म आदि के झगडो में उलझने वालों से दूर रहना चाहिए और अपने काम को करने के लिए बिना किसी बहाने व देर किए अपने काम में लग जाना चाहिए। आप सभी को समूह में काम करने, काम देने की कोशिश करना चाहिए. इसको अपने सडुला में शामिल किया।

शशि भूषण भाई ने कंवेंशन के आयोजन पर खुशी का इजहार करते हुए एक नारा नारी मुक्ति के लिए बोलने की अपील किया. “रूढ़िवादी परंपरा की जंजीरों को तोड़ दो, महिलाएं कमजोर नहीं ऐसा कहना छोड़ दो”, और कहा कि हमारी आवाज व्यवस्था तक जानी चाहिए। समाज की सोच कितनी बदली है इस पर विचार करने की जरूरत है। आगे उन्होंने कहा कि महिलाओं को निम्नतर मानने के लिए एक व्यवस्था के तहत कंधे पर दुपट्टा रख लो, कबड्डी मत खेलो, एक साजिश है. बेटी के बिना बहुमुखी विकास के बिना उसके घर और वर की खोज शुरू हो जाती है। और कहां की इसके लिए हम अपने भाइयों बहनों व दोस्तों को तैयार करेंगे और समाज में नजरिया निर्माण कर स्वस्थ समाज का निर्माण करें। जिसके लिए हम उन्हें ज्ञान विज्ञान एवं तत्वों से अवगत कराएंगे। जिससे हम अपने छोटे-छोटे प्रयासों से समाज बदल सकते हैं। आगे उन्होंने कहा कि मैं अवध पीपुल्स फोरम से जुड़कर काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं। आप सभी का नज़रिया निर्माण विषय काफी महत्व रखता हैं। क्रम बनाकर काम करने की कोशिश करना चाहिए. इस संबंध में जो सहयोग हमसे चाहिए हम तैयारी हैं। 

सभी पैनल के साथियों के लिए मोमेंटो केंद्र से जुड़ी किशोरियों ने बनाया था। जो हार्षिता ने शशि भाई को, आलमी ने अनिल सर को, शुभी ने पूनम मेम को, माही ने शिवांशु को, अलीशा ने शमा जी को मोमेंटो भेट दिया।

प्रेरणा किशोरी विकास केंद्र का संयोजन कर रहे सिम्मी ने सभी पैनल के साथियों का फोरम की तरफ से धन्यवाद देते हुए शिवांशु के वक्तव्य से कहा कि हमें हमारे पास जो अच्छा विचार है लोगों को देना चाहिए। आगे वक्ता सुजाता जी के कथन से स्टेज पर परफॉर्मेंस को जरूरी बताया, अनिल सर की तो तो चैंग की कहानी से सीखना चाहिए और शशि भाई के वक्तव्य से लड़कियां किसी से कम नहीं है। सीख लेने के लिए प्रेरित किया। आप सभी के सुझावों के आधार पर हम आपसी विमर्श के माध्यम से आगामी कार्य योजन बनाते हुए काम करेंगे।

फोरम के पुराने वोलेंटियर साथी गौरव ने इस दूसरे कंवेंशन का रेजुलेशन सभी के सामने रखा, जिसका ताली बजाकर सभी ने स्वागत किया। रेजुलेशन इस तरह से हैं… 

1. सार्वजनिक स्थानों एवं सरकारी कालेजों में साफ सुथरे शौचालय हों, इसके लिए प्रयास किया जायेगा। 

2. सरकारी स्वस्थ्य कार्यक्रमों को अपने समुदाय क्षेत्र में सक्रिय करना एवम सरकारी स्वस्थ कार्यक्रमों से किशोरियों और समुदाय को जोड़ना। 

3. उच्च शिक्षा के लिए देश की अलग अलग university में लड़कियों का इंट्रेंस के लिए तैयारी करना और उनका दाखिला करवाना। 

4. सामुदायिक पहुँच को 400 से आगे 1000 किशोरियों तक पहुँच बनाने की कोशिश किया जायेगा। 

5. गर्ल्स वेल्फेयर कमेटी की लीडर के द्वारा मोहल्ला स्तर पर समस्याओं को चिंहित करके सुधार प्रयास तैयार करना, जो अपने समुयाद के बदलाव के लिए अपने स्तर पर प्रयास करेंगी। 

6. भाईयों, पिता और बेटों को साथ में जागने और साथ में काम करने के लिए प्रेरित किया जायेगा। 

7. लड़कियों के साथ भाषा विकास पर काम किया जायेगा।साहित्यिक जुड़ाव के लिए बुक क्लब बनाते हुए काम करना जहाँ लड़कियाँ पढ़कर कुछ समझ कर आपस में साझा कर समझ बना सकें।

8. हेरिटेज वॉक के कार्यक्रमों के दायरे को बढ़ना और अलग अलग स्थानों और लोगों के साथ हेरिटेज यात्रा को शुरू करना। 

9. सभी सेंटर पर लगातार खेल, संगीत, फिल्मों और साहित्यिक चर्चा से जोड़ना।

10. प्रेरणा किशोरी विकास केंद्र के कार्यकर्ता स्वयं में हिंसा को ना और प्राकृतिक संरक्षण के लिए काम करेंगे।

हमने जो गिर्ल्स वेलफेयर कमेटी बनाई हैं, उसके आधार पर एक लीडर टीम बनाते हुए अगले वर्ष में काम किया जायेगा। 

अधिवेशन के आखिर में सरजू फाउंडेशन साथी शुभी एवं अन्य साथी द्वारा गीत “अब धीरे-धीरे यहां का मौसम बदलने लगा है” प्रस्तुत किया। 

आशीष और फोरम के साथियों ने गीत जैसे प्रस्तुत किया और अधिवेशन के समापन की घोषणा किया गया। 

कंवेंशन में सभी को हाथ से बना पुराने कपड़े का झोला, मास्क, रुमाल, टिफिन में खाना, कुल्लाड में चाय दिया गया। यह अभिभावकों से अपील किया गया कि वह अपने बच्चों को स्कूल, कालेज और काम पर जाते समय टिफिन ज़रूर दे। पानी की बोतल और खाने का टिफिन इनके भविष्य के लिए ज़रूरी हैं।

Authors

  • जागृति, दिलकुशा फैज़ाबाद की रहने वाली हैं और 5 सालों से समुदाय में शिक्षिका के रूप में काम कर रही हैं। जागृति उन किशोरियों को पढ़ाने का काम करती हैं जो कई कारणों से स्कूल नहीं जा पाती या जिन को स्कूल छोड़ना पड़ता है। वे महिलाओं के कानूनी हक-अधिकारों को लेकर फैज़ाबाद के 10 समुदायों में अवध पीपुल्स फोरम के साथ काम करती हैं। जागृति ने एन.टी.टी किया है और संविधान मित्र मंडली के समूह का संचालन करती है। इनके साथ 500 किशोरियाँ जुड़ी है जो अपनी ज़िंदगी को शिक्षा के माध्यम से बेहतर कर रही है।

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  • सिम्मी, फैज़ाबाद उत्तर प्रदेश से हैं। वह अवध पीपुल्स फोरम के साथ जुड़कर युवाओं के साथ उनके हक़-अधिकारों, आकांक्षाओ, महिलाओं के सवाल, शिक्षा, स्वास्थ्य, और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर काम करती हैं।

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  • एड राम सिंह अवध पीपुल्स फोरम के युवा कार्यकर्ता हैं. एल एल बी और एल एल एम की पढ़ाई किए हैं। अभी फोरम के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं। सिविल कोर्ट फैज़ाबाद में वकालत करते हैं। यह जन पक्षधर वकालत सीख रहे हैं।

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