झारखंड में संचालित सामाजिक परिवर्तन शाला के दूसरे बैच के तीसरे शिविर में शामिल एक प्रतिभागी का अनुभव अजय माझी… READ MORE
खिमा जेठी: उत्तराखंड भारत का एक पहाड़ी राज्य है, जहाँ की प्राकृतिक सुंदरता जितनी आकर्षक है, जीवन उतना ही कठिन… READ MORE
संजीव कुमार: सहरिया जनजाति, जो PVTG की सूची में शामिल है, यह देश की अत्यंत पिछड़ी जनजातियों में से एक… READ MORE
मंजूलता मिरी: ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में महिलाओं के पास भूमि स्वामित्व न होना उनकी सबसे बड़ी असुरक्षा रही है।… READ MORE
संजीव: यह कहानी मध्यप्रदेश के भिंड जिले के मालनपुर क्षेत्र से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित एक बस्ती की है,… READ MORE
कोर्दुला कुजूर: जल, जंगल, ज़मीन का संघर्ष आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण संघर्ष रहा है। दुनिया के सभी आदिवासी अपने जीवन… READ MORE
वाहरू सोनवणे: आदिवासियों के मुद्दे और आदिवासियों के विकास के लिए आदिवासियों को आगे आना चाहिए, एकजुट होना चाहिए, अधिकारों… READ MORE
मधुलिका: ‘आदिवासी का धर्म क्या है?’ यह सवाल दक्षिण राजस्थान की राजनीति में इन दिनों बेहद गरमाया हुआ है। राजनीतिक… READ MORE
ज़ेनिथ संस्था: सहरिया समुदाय मध्य प्रदेश में निवास करने वाला एक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) और वन-निवासी… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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