सुनील पासवान: ‘हमें ये शौक है, देखें सितम की इंतेहा क्या है।’ मेरे पापा श्री दीपानारायण पासवान, उफ़रेल चौक, वार्ड… READ MORE
अमित भाई: जबसे यह पता चला है कि हमारे देश में 40 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या युवाओं की है, इनकी… READ MORE
मुस्कान पटेल: बरसात का आगाज़किसान की आवाज़ तिल अभी बस मुस्कुराई थी,उड़द, लहलहाई ही थीमूंग में महक आई ही थी,कि… READ MORE
ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह: हम करोड़ों दिए भी जला देंगे परराम जंगल से वापस आएंगे नहीं। हमने लाखोंदिखावे-छलावे कियेमन के दीपक… READ MORE
इंदु सिंह: कलम आधी नहीं हो सकतीकलम पीछे नहीं लौट सकतीजितनी बंदूके हैं दुनिया मेंपेंसिल कलम उनसे ज़्यादातादाद में, एक… READ MORE
सोनामुनी मुर्मू: ପହିଲି ପରଶ ବର୍ଷା ରାଣୀର,ମନରେ ଜାଗି ଉଠିଲା ତୁପ୍ତି ଆନନ୍ଦର। ବର୍ଷା ର ସ୍ପର୍ଶ ପାଇ ଖୋଲିଲା ଆଖିପତା,ହସି ଉଠିଲା କେତେ ଯେ ତରୁଲତା… READ MORE
दीपा शुक्ला: हमारे समाज में किसी बात को लेकर सहमति जताई जाती है तो किसी बात का विरोध। पर मन… READ MORE
सौरभ: जब सडकें बनती हैंतब जाकर कोई शहरतरक्की की पहली सीढ़ी पाता हैतहसील ऑफिस के पासप्राइवेट बैंक का ब्रांच भीउसके… READ MORE
नाव: मनीषा मनोज शहारे मुक्काम: कन्हांळगाव | पोस्ट: राजोली | तहसील: अर्जुनी/मोरगाव | जिल्हा: गोंदिया( महाराष्ट्र राज्य) शिक्षण: बीए पार्ट 2… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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