झारखण्ड के 21 साल- क्या बिरसा का सपना पूरा हो पाया ?

शशांक शेखर: आज धरती आबा बिरसा मुंडा की जयन्ती है और झारखण्ड स्थापना दिवस भी। झारखंड राज्य गठन हुए पूरे 21 साल हो गए। केंद्र

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आदिवासी समरसता, एकता और प्रजातांत्रिक राजनीति को व्यापक बनाता है शब्द ‘जोहार’

डा. गणेश माँझी: ‘जोहार’ – मुख्यतः झारखण्ड के छोटानागपुर और संताल परगना में प्रचलित अभिवादन है। जो बचपन से अभी तक समझ में आया है

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आइये समझें संगठन की शक्ति को

महेश हेंब्रम: महेश हेंब्रम संथाल आदिवासी समुदाय से हैं और संथाल परगना क्षेत्र में आने वाले बिहार के बांका जिला में आदिवासी मज़दूर किसान मुक्ति

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झारखंड के आदिवासी नायक शहीद सोबरन मांझी: एक परिचय

विनोद कुमार: आदिवासी समाज के शोषण-उत्पीड़न के खिलाफ अनगिनत लोगों ने संघर्ष किया और अपनी शहादत दी। कुछ को लोग जानते हैं, कुछ को कम

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झारसुगुड़ा, ओडिशा से लॉकडाउन की कहानी, साथी की ज़ुबानी

जिनित समाद: ओडिशा राज्य के झारसुगुड़ा ज़िला के लइकेरा ब्लॉक के जाममाल ग्राम पंचायत की लगभग 900 की जनसंख्या वाला मेरा गाँव तपगुंजा है। हमारे

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आत्मनिर्भर झारखंडी आदिवासियों का लॉकडाउन से संघर्ष!

आमिर जलाल: गौरतलब है कि कोविड-19 संक्रमण के कारण मौजूदा संकट की स्थिति ने जनजातीय कारीगरों सहित गरीब और हाशिये पर रहने वाले समुदायों की

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