उमेश्वर सिंह अर्मो: यह कविता लेखक ने रक्षाबंधन के समय लिखी थी आहत न होना बहन,मैं दिल की खोल रहा… READ MORE
दयानंद बछा (ଦୟାନନ୍ଦ ବଛା): ଯଦିଓ ଆଜି ପଙ୍କରେ ଫୁଟିଥିବାପଦ୍ମ ଟିଏ ପରିନିଭୃତ ଅରଣ୍ୟର କଣ୍ଟାବୁଦାରେବଣ ମଲ୍ଲୀ ଟିଏ ଭଲିଫୁଟିଛି ଏଇ ଅଜ୍ଞାତ ବଣରେମହକାଇବି ଦିନେ ସାରା… READ MORE
गोपाल पटेल: माँ प्रकृति ने पाला मुझे,संवारा है, बड़ा किया है। लालन-पालन भी किया तूने,मुझे इतना प्रेम दिया तूने.. ।… READ MORE
युवानिया डेस्क: जन जागरण शक्ति संगठन (JJSS) असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का एक पंजीकृत ट्रेड यूनियन है। संगठन के युवा… READ MORE
पावनी: तुम्हें बढ़ना हैउस पथ की ओरजो इंकलाब की बोलियों से सजा है तुम्हें बढ़ना हैउस पथ की ओरजो इंसाफ… READ MORE
–ଡ଼ୋଲାମଣୀ ଯେବେ ବଦଳିବ ବ୍ୟବସ୍ଥା…ତେବେ ସୁଧୁରିବ ଅବସ୍ଥା ଭକ୍ତ ଗଣଙ୍କ ମତରେ,ଭଗବାନ ଚାହିଁଲେ ହିଁ ପରିବର୍ତନ ହେବ । କେବେ କହନ୍ତି, ନହିଁ ଲେଖା ଭାଗ୍ୟରେ ଗରିବ ଲୋକର ଆଉ… READ MORE
लाल प्रकाश राही: पेट की भूख, रोटी का व्यास खींच ले गया उसे परदेश वह मज़दूर था, देश का भाग्य… READ MORE
संगठित रहेंगे, संघर्ष करेंगे एकता बनाके आगे बढ़ेंगे READ MORE
जूहेब आज़ाद: मेरे कूड़ेदान में कुछ कागज़ के पन्ने उनमें बसे लफ़्ज़ मेरे तकलीख़* मेरी कुछ दर्द और मेरे सपने… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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