ଯେବେ ବଦଳିବ ବ୍ୟବସ୍ଥା – जब बदलेगी व्यवस्था

ଡ଼ୋଲାମଣୀ

ଯେବେ ବଦଳିବ ବ୍ୟବସ୍ଥା…
ତେବେ ସୁଧୁରିବ ଅବସ୍ଥା

ଭକ୍ତ ଗଣଙ୍କ ମତରେ,
ଭଗବାନ ଚାହିଁଲେ ହିଁ ପରିବର୍ତନ ହେବ । 
କେବେ କହନ୍ତି, ନହିଁ ଲେଖା ଭାଗ୍ୟରେ ଗରିବ ଲୋକର 
ଆଉ କେତେକ କହନ୍ତି, ଗରିବୀ ହେଉଛି ‘ଫଳ’ ପୂର୍ବଜନ୍ମ କର୍ମର 
ଆଉ ଏହା ଭଗବାନ ଚାହିଁଲେ ହିଁ ପରିବର୍ତନ ହେବ । 

ହେଲେ ପ୍ରଗତିଶୀଳ କହେ,
ଯେଉଁଦିନ ସମାଜର ଶୋଷିତ ବର୍ଗ 
ପରିବର୍ତନର ସମାନ ଚିନ୍ତାଧାରା ସହିତ 
ପରିବର୍ତନ ପାଇଁ ଏକାଠି ହୋଇ ସଂଗଠିତ
ଶୋଷଣ ବିରୁଦ୍ଧରେ ନିଜେ କରିବେ ଲଢେଇ। 
ସେ ଦିନ ବଦଳିବ ବ୍ୟବସ୍ଥା 
ତେବେ ହି ସୂଧୁରିବ ଅବସ୍ଥା । 

ଭଗବାନ ନୁହେଁ କି ଭକ୍ତ ଗଣ ନୁହେଁ …
ଶୋଷଣ, ଅତ୍ୟାଚାର ର ଶିକାର ଯିଏ 
ପରିବର୍ତନ ବାହକ ହୋଇପାରିବ ସିଏ ।            

ओड़िया में लिखे इस गीत का हिंदी अनुवाद:

जब बदलेगी व्यवस्था

-डोलामणी

जब बदलेगी व्यवस्था
तब सुधरेगी अवस्था
भक्त जनों की राय में 
अगर भगवान चाहे तो बदलाव होगा
वे बोलते हैं गरीबों के भाग्य में नहीं है लिखा 
और कोई कहे गरीबी है, पिछले जन्म के कर्म का फल 
बदलाव तभी आएगा जब भगवान चाहेगा। 

कई प्रगतिशील कहते हैं,
जब समाज के शोषित वर्ग 
और समान विचार रखने वाले लोग 
बदलाव के लिए संगठित होंगे
और शोषण के विरुद्ध संघर्ष करेंगे 
तब परिवर्तित होगी व्यवस्था 
तब ही सुधरेगी अवस्था। 

भगवान नहीं कि भक्त नहीं 
जो है शोषण और अत्याचार का मारा 
वही बदलेगा व्यवस्था सारा। 

Author

  • डोलामणी, ओडिशा के बलांगीर ज़िले से हैं और सामाजिक परिवर्तन शाला से जुड़ी हैं। वह ज़िन्दाबाद संगठन के साथ जुड़कर स्थानीय मुद्दों पर काम कर रहे हैं।

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