मंजुलता मिरी: हमारे यहाँ बलोदा बाज़ार में होली 3 दिन की मनाई जाती है, जिसके पहले दिन होलिका दहन करते… READ MORE
दामोदर सिंह हंसदा: हो आदिवासी समाज में सभी पर्व मानव जन्म के साथ जुड़े हुए हैं। पोरोब-पोनाई (पर्व त्यौहार) को… READ MORE
शिवांशु: पिछले दिनों मैं फिल्म देखने के क्रम में था उस दौरान मुझे खोजते हुये एक मराठी फिल्म मिली नाम… READ MORE
तेजस्विता द्वारा संकलित: हिंदुओं की ‘लालेश्वरी’ और मुसलमानों की ‘अल आरिफ़ा’ लल्लेश्वरी या लल्ल-द्यद (1320-1392) के नाम से जाने जानेवाली… READ MORE
सत्यम: कविता क्या है? जब हम यह सोचने एक दिन बैठे तो कई खयाल आए। लेकिन जब हमें हिन्दी के… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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