अफ़ाक : जंगल और पहाड़ हमको हमेशा अपनी ओर खींचते रहे हैं। बतौर पर्यटक हम बाहरी सुंदरता देखते-समझते हैं। दो-चार… READ MORE
अफ़ाक, फैजाबाद : पप्पू सोनकर, बछड़ा सुल्तानपुर, फ़ैज़ाबाद, अयोध्या के रहने वाले हैं। यह एक हिन्दू परिवार से हैं, पर… READ MORE
आफ़ाक़: बनारस से महाज़ 30 किमी की दूरी पर गंगा नदी किनारे आबाद एक शहर है चुनार। यह मुगलसराय रेलवे… READ MORE
राज कुमार और आफाक उल्लाह: उत्तर प्रदेश का महाराजगंज ज़िला, बिहार और नेपाल से सटा हुआ है, इसे 2 अक्टूबर… READ MORE
आफाक: विकास की बयार में घर, मकान और दुकान के साथ बहुत कुछ उजड़ रहा है। हमारा गाँव पहाड़गंज घोसियाना… READ MORE
सिम्मी व आफ़ाक़: वैसे तो पहाड़ों के साथ अपना रिश्ता कोई नया नहीं हैं। हिमाचल से उत्तराखंड और नेपाल के… READ MORE
मो नसीम / आफाक: अप्रैल के महीने में महुआ चुना (गिरना) शुरू हो जाता हैं। जब महुआ पेड़ पर आता… READ MORE
अफ़ाक उल्लाह: मुझे आज भी याद है कि जैसे ही सर्दियाँ आती थी, हम लोग बड़े बक्से से अपने गर्म… READ MORE
अफ़ाक उल्लाह: उत्तर प्रदेश के अविभाजित फ़ैज़ाबाद ज़िले में जन्मे राजबली यादव 15 अगस्त 1947 को मिली आज़ादी को मुकम्मल… READ MORE
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अफ़ाक उल्लाह: हम सभी किसी न किसी धर्म से जुड़े हुए हैं। हमारे प्रत्येक क्रियाकलाप में धार्मिक मान्यताएं शामिल हैं।… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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