अफाक़ उल्लाह: चौक एज में घंटाघर से गुलाबबाड़ी की तरफ़ जाते हुए बायें हाथ पर एक 1920 के करीब शुरू… READ MORE
अफ़ाक उल्लाह: कई दिनों से बाराबंकी के अलग-अलग क्षेत्रों में बुनकर (हथकरघा) समुदाय के लोगों के साथ मिल-जुल रहे हैं।… READ MORE
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अफ़ाक उल्लाह: पुस्तकें इंसानों की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। अच्छी पुस्तकें ज्ञानवर्धन के साथ-साथ भाषा कौशल और शब्दावली विकसित… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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