मैं अंधेरा बाँटता हूंँ

लाल प्रकाश राही:  मैं अंधेरा बाटता हूँ। सुबह से शाम, दोपहर से रात,हर समय हर जगह, जहाँ देखोगे जिधर देखोगे,मिलूँगा मैं, सिर्फ मैं। संसद से लेकर

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उड़िया कविता: କୁଆଡେ ଗଲ? | किधर गए ?

अमूल्य कुमार नायक: ରାଜନୀତି ଦଳେ  ନିର୍ବାଚନ ବେଳେ         ନେତା, କର୍ମୀ ପଲପଲ,ସଙ୍କଟ ବେଳରେ  କେଉଁଠି ଲୁଚିଲ         ଲୋକମାନେ କଲବଲ ।         କାହାର କଅଣ କଲ  ?ମନ୍ତ୍ରୀ, ବିଧାୟକ,  ସାଂସଦ, ଅଧ୍ୟକ୍ଷ         ଏ ବେଳେ କୁଆଡେ ଗଲ ?? ଶୀତଳ

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बड़वानी में “भाग्या खेती” कर रहे खेत-मज़दूरों की चुनौतियां

दिनेश जाधव: भाग्या खेती, खेती करने का एक तरीका है, जिसमें खेती में खाद, बीज, दवाइयों आदि सहित लगने वाला पूरा खर्चा खेत के मालिक

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