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धर्मेन्द्र यादव: सन् 2008 में एक एनेमीशेन फिल्म आई, वॉल-ई। इस फिल्म में दिखाया गया कि किस तरह से दुनिया… READ MORE
सिद्धार्थ: गोरख पाण्डे हिन्दी साहित्य के उन कुछ गिने चुने नामों में से हैं जिन्होंने कविता लेखन की प्रचलित शैलियों… READ MORE
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अखिलेश: मनरेगा के काम में मजदूरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लिखित में काम मांगने के बावजूद… READ MORE
अमित: रविन्दर कुमार दिल्ली में छः सालों से उबर चला रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा ज़िले के रहने वाले… READ MORE
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युवानिया डेस्क: 1. असम साइंस सोसाइटी, असम: असम साइंस सोसाइटी एक स्वैच्छिक संगठन है जिसे वर्ष 1953 में “गौहाटी साइंस… READ MORE
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अनिल वर्मा: (अनिल वर्मा की पुस्तक ‘बटुकेश्वर दत्त-भगत सिंह के सहयोगी’ से उद्धृत; नेशनल बुक ट्रस्ट) पिछले कुछ सालों से… READ MORE
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मंगेश कुमार: मेरा नाम मंगेश कुमार तिवारी है। मैं अपने परिवार के साथ पिछले 13 वर्षों से दिल्ली में रहता… READ MORE
अरविंद अंजुम: आप जानते ही हैं कि पिछले 9 महीने से भी ज़्यादा समय से किसान तीन कृषि कानूनों की… READ MORE
युवानिया डेस्क: युवानिया के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में तीन दिवसीय लेखन कार्यशाला का आयोजन किया गया, लगभग… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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