धर्मेन्द्र यादव: कचरा शब्द जैसे ही हमारे ज़ेहन में आता है, हमारे दिमाग में एक तस्वीर बनती हैं गंदगी, मैला,… READ MORE
कोर्दूला कुजूर: रांची की विभिन्न जगहों पर मज़दूरों का बाज़ार लगता है। यह सुनने में थोड़ा अटपटा सा लगता है,… READ MORE
राज कुमार सिन्हा: यह जानने के लिए अब किसी गहन-गंभीर शोध की जरूरत नहीं बची है कि आजकल विकास के… READ MORE
नरेंद्र तिवारी: भवानी प्रसाद मिश्र दादा की कविता “सतपुढा के घने जंगल याद करते हुए” इस धरा के घने जंगलजाने… READ MORE
सौरभ: जब सडकें बनती हैंतब जाकर कोई शहरतरक्की की पहली सीढ़ी पाता हैतहसील ऑफिस के पासप्राइवेट बैंक का ब्रांच भीउसके… READ MORE
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रामलाल करियाम: हाँ! हम परसा कोल ब्लॉक उदयपुर सरगुजा की बात कर रहे हैं, जहाँ अदानी अपना पांव जमाने की… READ MORE
महिपाल: जल-जंगल-ज़मीन बचाने के लिए हसदेव बचाओ पदयात्रा की शुरुआत 4 अक्टूबर को हसदेव अरण्य क्षेत्र के मदनपुर गाँव के उस… READ MORE
Mary Rajnee Toppo (मेरी रजनी टोप्पो): Now THE JUNGLE is black, ashy and dark, so is the human heart Red… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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