THE ZION will be a mirage (स्वर्ग की कामना बस छलावा)

Mary Rajnee Toppo (मेरी रजनी टोप्पो):

Now THE JUNGLE is black, ashy and dark, so is the human heart

Red roads, red waters, the proof of the rape of nature

River beds are thirsty, paddy fields are barren

Trucks are the Rapists, leave the forest bleed

Only the bright red flower gulping the green

Who loots the forest for human nests?

No more water, no more birds

My heart bleeds as the atmosphere filled with the smoke of skeleton burn

But “others” are tranquillized by the drug of the development

All the living God vanish and the oasis comes in my eyes

Rights are violated, abused and ignored

Calling for extinction to everyone

Staring at her with the piercing rays; the SINGBONGA (1) is angry

RAINS are not rains but the tears of nature

You cannot bring the rains, but flood

& You already burnt down the saviour

Antics will be in the museum, 

mushroom and freshwater will be rare

Be prepared, the ZION will always be a mirage…


(1- SINGBONGA- the Supreme God, the Creator.)

हिन्दी अनुवाद:

अब जंगल हो चुके हैं काले, राख़ और अंधेरे से भरे और इन्सानों के मन भी,  

सड़कें लाल हैं और पानी भी, जो गवाह हैं प्रकृति के साथ हुए बलात्कार के। 

नदियों के किनारे प्यासे हैं, और धान के खेत बंजर हो चले हैं, 

ट्रक वो बलात्कारी हैं, जो जंगल को लूट कर उसे लहूलुहान कर गए हैं। 

सब लाल हो चुका है जो निगल गया है हरियाली को,  

इन्सानों के घरों के लिए कौन लूटता है इन जंगलों को? 

न अब पानी है और ना ही बचे हैं पंछी।

मेरे हृदय से रिसता है लहू, जब हवा में इन कंकालों से उठता धुआँ भर जाता है,  

लेकिन बाकी लोग तो इस विकास के नशे में मस्त हैं।

जब धरते के असल जीते-जागते देवता कहीं खो जाते हैं तो मेरी आँखों में भर आता है समंदर,  

हक छीन लिए जाते हैं, किए जाते हैं नज़रअंदाज़ और किया जाता है शोषण।

यह सब, हर किसी के विनाश के लिए, यह सब देखती हुई सिंगबोंगा (1) क्रुद्ध है, 

यह बारिश नहीं, प्रकृति के आँसू हैं। 

अब तुम बारिश नहीं ला सकते, ला सकते हो तो केवल बाढ़।  

और तुमने जला दिया है अपने रक्षक को 

अब इनके निशान अजायबघरों में रखे जाएंगे, 

ना होंगे खोखड़ी और ना साफ पानी

तैयार रहो, स्वर्ग की कामना बस छलावा ही साबित होगी


(1 सिंगबोंगा : सर्व शक्तिमान देवी, दुनिया बनाने वाली)

Author

  • मेरी रजनी टोप्पो, जाकिर हुसैन सेंटर फॉर एजुकेशनल स्टडीज (ZHCES), स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (SSS), जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से पीएचडी रिसर्च स्कॉलर हैं।

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