मंजुलता मिरी व राजिम केटवास: अप्रैल माह में, छत्तीसगढ़ के महासमुंद ज़िले के गाँवों में हम लोग अक्ती तिहार (त्यौहार)… READ MORE
मंजुलता मिरी: हमारे यहाँ बलोदा बाज़ार में होली 3 दिन की मनाई जाती है, जिसके पहले दिन होलिका दहन करते… READ MORE
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अखिलेश: बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से लगभग 15-20 किलोमीटर दूर, गनियारी नाम का एक छोटा सा गाँव है। यहाँ एक जन स्वास्थ्य… READ MORE
मंजुलता मिरी: मेरा नाम मंजुलता मिरी है। मेरे पति का नाम परसराम मिरी है। मैं दलित समुदाय से हूँ। छत्तीसगढ़… READ MORE
मंजुलता मिरी: अमरिका बरिहा, पिता सारदा बरिहा और माता सुमित्रा बरिहा, ग्राम पिलवापाली, ब्लॉक पिथोरा, ज़िला महासमुंद, (छत्तीसगढ़) की निवासी… READ MORE
युवानिया डेस्क: बबीता अपने व्यक्तव्य में गेवरा ज़िले में चालू खदानों का क्षेत्र, समाज और समुदायों में प्रभाव पर अपनी… READ MORE
युवानिया डेस्क: जिस गति से पर्यावरण में बदलाव आ रहे हैं, वह किसी एक इलाके के लोगों के लिए ही… READ MORE
युवानिया डेस्क: वीडियो आभार: Appy Raja वीडियो आभार: Kavi Akash Sahu {मनबईहा} वीडियो आभार: OP Dewangan READ MORE
उमेश्वर: हम हसदेव के आदिवासी हैं, आक्सीजन बचाने का संघर्ष करते हैं साहब। जल जंगल जमीन बचाना हमारा धर्म है, … READ MORE
सत्यम श्रीवास्तव: हसदेव अरण्य के मामले में न्यायालयों की दखल एक दशक से छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य को बचाने को… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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