मंजुलता मिरी:

अमरिका बरिहा, पिता सारदा बरिहा और माता सुमित्रा बरिहा, ग्राम पिलवापाली, ब्लॉक पिथोरा, ज़िला महासमुंद, (छत्तीसगढ़) की निवासी हैं। अमरिका को शादी कर के ओनकी में दिए थे। शादी के कुछ साल बाद अमरिका का तालाक हो गया। अमरिका अपने पति और 1 साल की बच्ची को छोड़कर अपने पिता के घर वापिस आ कर रह रही थी। लगभग 1 साल बाद से ही अमरिका की मानसिक हालत ख़राब होने लगी। इस दौरान भी अमरिका अपनी माँ के साथ रह रही थी।

उसके भाई के बड़े बेटे ने अमरिका के साथ जब मारपीट की तब अमरिका अपने घर से खुद के खेत में आकर रहने लगी। करीबन 2 साल तक वहीं खेत में रही और फिर वहाँ से घर चली गयी। घर पर रहते हुए उसे एक-दो महिने हो गए थे।

एक आदमी उसके घर गया और बोला कि अमरिका को लेने आया हूँ। उसके लिए खेत में झोंपड़ी बना दूंगा और अपने खेत में काम भी दूंगा। अमरिका तब रसोईघर में खाना बना रही थी। आदमी ने उसको बुलाया और बोला – “मेरे साथ चल तू, खाना तेरी माँ बना लेंगी।” ऐसा बोलकर वो अमरिका को अपने साथ ले गया और उसके लिए खेत में झोंपड़ी बना दिया। अमरिका के लिए साड़ी, साया और ज़रूरत का सारा समान लाकर दे दिया। अमरिका से उस आदमी ने अपने खेत पर काम करवाना भी शुरू कर दिया।

इस बात को 8 महीने बीत गए। अमरिका रोज़ खेत से घर जाती थी, चावल-सब्ज़ी के लिए। एक बारी ऐसे ही लौटने में, कुछ महिलाओं ने उसे देखा और उन्हें शक हुआ कि अमरिका का पेट निकल रहा था। तब से महिलाओं ने अमरिका का पीछा करना शुरू कर दिया। एक आदमी ने अमरिका की माँ को जाकर बताया कि ऐसा लग रहा है कि उनकी बेटी पेट से है और उनको जाकर देखना चाहिए। अमरिका की माँ उसके पास गयी और देख के आई। उसके बाद वह सरपंच को लेकर अमरिका के घर गयी। माँ ने उसके कपड़े खोल करके सरपंच को बोला कि मैं देख नहीं पाती हूँ, आप देख करके बताएं क्या मेरी बेटी सच में पेट से है? सरपंच ने अमरिका को देख कर स्वीकारा की हाँ वो पेट से है। तब सरपंच ने गाँव वालों को बुला कर मीटिंग करी। फिर अमरिका के भाई को भी साथ लेकर थाने गए रिपोर्ट लिखवाने। थाने में रिपोर्ट लिखने की जगह पुलिस वालों ने हमसे मज़ाक कर रहे हो बोल कर सबको वापिस भगा दिया। 

उसके बाद महिला समूह और गाँव वालों ने अमरिका से जाकर बात करी और पूछताछ की। बातचीत में अमरिका ने बताया कि जिसने उसके लिए झोपड़ी बनाई उसका नाम मघु कोल्ता है और वह ग्राम चिखली का रहने वाला है, जिसकी उम्र 60 वर्ष है। दूसरा व्यक्ति जिसका नाम बाबूलाल है, जो मालीडीपा के रहने वाला है। और भी दो लोग हैं, जिनका उसने केवल हुलिया बताया ।

महिला समूह, दलित आदिवासी मंच के साथ बाल विकास समूह की सभी महिलाएं थाने पर गईं। साथ में सरपंच और गाँव के कुछ लोग भी अमरिका के भाई के साथ थाने गए जिसके बाद थाने में उन सभी के खिलाफ SC-ST एक्ट की धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज करवाई गई।

वहां से अमरिका को महासमुंद लेकर गए उसकी दिमागी हालत की जांच करवाने और साथ ही साथ ये भी पता करने कि वो पेट से है या नहीं। तो पता चला कि अमरीका की मानसिक हालत उतनी खराब नहीं है, जिसके बाद उसका प्रेग्नेंसी टेस्ट किया जिसमें पता चला कि वह सात महीने से गर्भवती है। पुलिस ने बाबूलाल और उसके साथी को छोड़ दिया है। मधु कोल्ता को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल में भेज दिया है।

अमरीका और उसके  बच्चे के अच्छे  स्वास्थ्य के लिए रायपुर के सखी सेंटर भेजने की तैयारी हो रही है। 

फीचर्ड फोटो आभार: द न्यूज़ मिनट

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  • मंजुलता मिरी / Manjulata Miri

    मंजुलता, छत्तीसगढ़ के महासमुंद ज़िले से हैं और सामाजिक परिवर्तन शाला से जुड़ी हैं। वर्तमान में मंजु, दलित आदिवासी मंच के साथ जुड़कर जल-जंगल-ज़मीन के मुद्दों पर काम कर रही हैं।

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