हम गरीब कैसे बने – 3 : महंगी पड़ी नमला को जुवार!

कुछ सुनी, कुछ आँखों देखी – अस्सी – नब्बे के दशक में पश्चिम मध्य प्रदेश के आलीराजपुर ज़िले में खेडुत मजदूर चेतना संगठ में काम

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हरेली त्यौहार, संगठन कार्यकर्ता पर फर्जी कार्रवाई और आदिवासियों की ज़मीन से बेदखली पर छत्तीसगढ़, म. प्र. और बिहार से स्थानीय खबरें

गाँव-गाँव में मनाया गया हरेली त्यौहार  -(छत्तीसगढ़) हरेली छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा व संस्कृति का पहला राजकीय त्यौहार है। हरेली इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि इस

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अलीराजपुर के आदिवासी शेर मगन भाई को आखिरी क्रांतिकारी सलाम

युवानिया डेस्क: एक बारह साल के भिलाला आदिवासी लड़के ने स्कूल में दीवार पर टंगा हुआ विश्व का नक्शा देखा। उसे लगा कि नक्शे में

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मध्य प्रदेश के निमाड़ इलाके में मनाए जाने वाले भंग्रिया या भंगोरिया हाट की कहानियाँ

युवानिया डेस्क: ये कहानियाँ जामसिंह पिता मटला ग्राम लखनकोट; सुरबान, ग्राम ककराना; शंकर तड़वाल, अलीराजपुर; मुकेश डुडवे, बड़वानी आदि लोगों से पूछकर संकलित की गई

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खेती, किसान और उसकी समस्याएँ

सुरेश डुडवे: मध्यप्रदेश के बड़वानी, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, खरगोन तथा खंडवा जिलों में भील, भिलाला एवं बारेला समुदाय के आदिवासी समाज रहते हैं। प्रकृति के

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