ख़ीमा जेठी: उत्तराखंड की सबसे कम जनसंख्या वाली जनजाति ‘राजी जनजाति’ है। यह जनजा ति एक अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत को… READ MORE
अमित: इस साल टिटवड़ी नें चार अण्डे दिये थे। लोग खुश थें कि अच्छी बरसात होगी। पश्चिम भारत में आदिवासियों… READ MORE
बीजू टोप्पो: विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर प्रस्तुत हैं अलग-अलग आदिवासी समुदायों की विशेष कलाएँ और इन पारंपरिक कलाओं… READ MORE
कोर्दूला कुजूर: नगेसिया समुदाय का मुख्य बसाहट अधिकतर पहाड़ों के ऊपर याने पठारी भाग में है। भौगोलिक दृष्टिकोण से देखा… READ MORE
दीपा कच्छप: मैं दीपा, उरांव समुदाय की लड़की हूँ। आज से लगभग 5-6 साल पहले मैं रांची, झारखंड में… READ MORE
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रोहित और रिया: भारत का एक बड़ा हिस्सा जंगल हुआ करता था, जिसमें कई वनवासी जातियाँ रहा करती थी। ये… READ MORE
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मज़दूर अधिकार मंच | गुजरात: आदिवासी समुदाय भारत के सबसे पिछड़े समुदाय में से है। पश्चिम भारत की विशाल आदिवासी… READ MORE
मंजुलता: हमारे पूर्वज हज़ारों सालों से बरसात आने से पहले खेती कार्य शुरू करते थे। इस तरह धान की अलग-अलग… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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