कोर्दुला कुजूर: झारखंड के सभी आदिवासी समाजों में बीज बोने की रीतियाँ और परंपराएँ लगभग एक जैसी हैं। साथ ही… READ MORE
संजीव कुमार: सहरिया जनजाति, जो PVTG की सूची में शामिल है, यह देश की अत्यंत पिछड़ी जनजातियों में से एक… READ MORE
प्रफुल्ला मिश्रा: ଆଦିବାସୀ ଶଦ୍ଦ କୁ ତର୍ଜମା କଲେ ଏହା ସ୍ପଷ୍ଟ ଯେ ବିଭିନ୍ନ ଭୂଖଣ୍ଡ ରେ ଆଦ୍ୟ ବାସିନ୍ଦା ହୋଇଥିବାରୁ ସେମାନେ ଆଦିବାସୀ ବା ମୂଳ… READ MORE
कोर्दुला कुजूर: जल, जंगल, ज़मीन का संघर्ष आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण संघर्ष रहा है। दुनिया के सभी आदिवासी अपने जीवन… READ MORE
डॉ. जितेंद्र मीणा: प्रस्तावना : भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में वर्ष 2023–24 को एक ऐसे निर्णायक मोड़ के रूप में… READ MORE
मधुलिका: ‘आदिवासी का धर्म क्या है?’ यह सवाल दक्षिण राजस्थान की राजनीति में इन दिनों बेहद गरमाया हुआ है। राजनीतिक… READ MORE
विलसन एक्का: वर्तमान समय में आदिवासी सवाल और उसकी चुनौतियाँ – वर्तमान समय को केवल एक ऐतिहासिक कालखंड मान लेना… READ MORE
जिनित सामाद: ओडिशा के संबलपुर ज़िले का कुचिंडा उपखंड कोई साधारण इलाक़ा नहीं है। यह संविधान की पाँचवीं अनुसूची के… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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