आशीष पंत: अच्छा!! लेखक कौन है?? एक पुरुष? वाकई, फिर पहचान मासिक धर्म क्यों??? हाँ, मैं एक पुरुष हूँ और… READ MORE
प्रफुल्ला मिश्रा: ଆଦିବାସୀ ଶଦ୍ଦ କୁ ତର୍ଜମା କଲେ ଏହା ସ୍ପଷ୍ଟ ଯେ ବିଭିନ୍ନ ଭୂଖଣ୍ଡ ରେ ଆଦ୍ୟ ବାସିନ୍ଦା ହୋଇଥିବାରୁ ସେମାନେ ଆଦିବାସୀ ବା ମୂଳ… READ MORE
कोर्दुला कुजूर: जल, जंगल, ज़मीन का संघर्ष आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण संघर्ष रहा है। दुनिया के सभी आदिवासी अपने जीवन… READ MORE
पुष्पा कुमारी: आदिवासी समाज में महिलाओं का जीवन हमेशा से संघर्ष भरा रहा है। उनका जुड़ाव ग्रामीण परिवेश से रहा… READ MORE
अब पुराने मकान की मरम्मत का समय आ गया है! अल्बर्ट बिलुंग: आदिवासी समाज, केवल जनजातियों विशेष से निर्मित समाज… READ MORE
ज़ेनिथ संस्था: सहरिया समुदाय मध्य प्रदेश में निवास करने वाला एक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) और वन-निवासी… READ MORE
श्रीपति सिंकू: ଆଦିବାସୀ ସମାଜ ପ୍ରକୃତିର ଏକ ଅଙ୍ଗ ହୋଇ ଆଦିମ କାଳରୁ ରହି ଆସିଛି।ବଣ, ଜଙ୍ଗଲ ଓ ଜଙ୍ଗଲରେ ବସବାସ କରୁଥିବା ଜୀବ ଜନ୍ତୁ ମାନଙ୍କ… READ MORE
आकाशी पांडे: देखोदो अलग-अलग नदियाँकैसे एक-दूसरे की ओर बढ़ रही हैं।एक अलकनंदा,और दूसरी भागीरथी।।जल का मिलना तो सहज है,पर उनके… READ MORE
उर्मिला फनात: मालमाथा में नरेगा में महिलाओं का एक संगठन सक्रिय है – राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन, डूंगरपुर। यह यूनियन… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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