संजीव कुमार: सहरिया जनजाति, जो PVTG की सूची में शामिल है, यह देश की अत्यंत पिछड़ी जनजातियों में से एक… READ MORE
संजीव कुमार: अगर रुकूँ तो जाऊं कहाँ, अगर रुकों तो जाओं कहाँमेरे यूँ रुक जाने से, यूँ थक बैठ जाने… READ MORE
संजीव: यह कहानी मध्यप्रदेश के भिंड जिले के मालनपुर क्षेत्र से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित एक बस्ती की है,… READ MORE
संजीव: यह कहानी भोनपुरा पंचायत और उसमें बहने वाली शांत निर्मल नदी के आक्रामक अँधेरी दस्तक की है। ग्वालियर शहर… READ MORE
संजीव कुमार : कुछ पल बैठूं तेरे साथबयां करूं अपने हालत,जिंदा हूं कैसे यह,सहकरज़बरन भ्रष्टाचारी कुविचार। कह रहे हैं लोग… READ MORE
संजीव कुमार : कुछ कहानियाँ अधूरी होके भी पूरी हो जाती हैं, तो कुछ कहानीयाँ पूरी होके भी अधूरी रह… READ MORE
संजीव कुमार: यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति के जीवन संघर्ष से संबंधित है जिसने जीवन में बहुत कुछ सीखा –… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress