संजीव कुमार : कुछ पल बैठूं तेरे साथबयां करूं अपने हालत,जिंदा हूं कैसे यह,सहकरज़बरन भ्रष्टाचारी कुविचार। कह रहे हैं लोग… READ MORE
इस उम्र में हम जो सोचते हैं और जो करते हैं, इसी से यह तय हो जाता है कि हमारी… READ MORE
अमित भाई: जबसे यह पता चला है कि हमारे देश में 40 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या युवाओं की है, इनकी… READ MORE
ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह: हम करोड़ों दिए भी जला देंगे परराम जंगल से वापस आएंगे नहीं। हमने लाखोंदिखावे-छलावे कियेमन के दीपक… READ MORE
सोनामुनी मुर्मू: ପହିଲି ପରଶ ବର୍ଷା ରାଣୀର,ମନରେ ଜାଗି ଉଠିଲା ତୁପ୍ତି ଆନନ୍ଦର। ବର୍ଷା ର ସ୍ପର୍ଶ ପାଇ ଖୋଲିଲା ଆଖିପତା,ହସି ଉଠିଲା କେତେ ଯେ ତରୁଲତା… READ MORE
राकेश जाधव: एक स्कूल ऐसा भी….!जहाँ पढ़ाई कम और पढ़ना ज़्यादा है।जहाँ अध्ययन कम और रटना ज़्यादा हैं।जहाँ सभ्याचार की… READ MORE
अमित: कहा जा रहा है कि भारत विश्व के सबसे जवान देशों में से एक है। हमारी आबादी का एक… READ MORE
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शिवजी किराड़े: रोज़गार के लिए और बेरोज़गारी के खिलाफ प्रदेश के बेरोज़गार युवाओं ने 18 अगस्त, बुधवार के दिन मध्य… READ MORE
युवानिया डेस्क: पिछले एक साल में युवानिया पत्रिका में प्रकशित हुए लेख, गीत, कविता, आदि पर पाठकों के रेस्पोंस की… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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