रोज़गार को लेकर म.प्र. के आंदोलनरत युवाओं पर भोपाल पुलिस ने भांजी लाठियाँ

शिवजी किराड़े:

रोज़गार के लिए और बेरोज़गारी के खिलाफ प्रदेश के बेरोज़गार युवाओं ने 18 अगस्त, बुधवार के दिन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रदर्शन किया। बेरोज़गार युवाओं ने 18 अगस्त के दिन रौशनपुर चौराहे पर प्रदर्शन करने को लेकर प्रशासन को अवगत कराया था। परंतु प्रशासन द्वारा पहले ही वहाँ बेरीकेट लगा दिए थे, जिसके बाद बेरोज़गार युवाओं ने बेरीकेट व पुलिस प्रशासन की तैनाती को देखते हुए इसे एक अन्य स्थान नीलम पार्क में शुरू करने का निश्चय किया और नीलम पार्क में मध्य प्रदेश के समस्त जिलों से आए बेरोज़गार युवा एकत्रित होने लगे जिसका नेतृत्व “मूवमेंट अगेंस्ट अनइंप्लॉयमेंट” संगठन कर रहा था। 

प्रदेश के बेरोज़गार युवा, खाली पड़े शासकीय पदों को भरने व उन्हें नौकरी देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इसी मांग को लेकर बेरोज़गार युवा नीलम पार्क से मुख्यमंत्री आवास पर ज्ञापन देने के लिए जाने लगे। पुलिस प्रशासन ने उन्हें पहले ही चारों तरफ से घेर रखा था। जैसे ही नीलम पार्क से बेरोज़गार युवा मुख्यमंत्री आवास तक पैदल जाने के लिए निकले उसके तुरंत बाद ही पुलिस प्रशासन ने उनके ऊपर लाठीचार्ज कर दिया। वह भी बिना चेतावनी के, पुलिस प्रशासन ने जिस प्रकार लाठीचार्ज किया वह निंदनीय है पुलिस ने आंदोलन कर रहे युवाओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा तथा जो आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे उनको पुलिस हिरासत में भी लिया गया। इसमें बेरोज़गार युवाओं को भी घसीट घसीट कर पुलिस वाहन में भरा गया, लाठीचार्ज में अनेक युवाओं को चोट आई तथा अनेक घायल भी हो गए।  

फ़ोटो आभार: फ्री प्रेस जर्नल

प्रदर्शन में हुई पुलिस बर्बरता के वीडियो, सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए हैं। आंदोलन में शामिल 150 युवाओं पर FIR दर्ज हुई है। बेरोज़गार युवाओं को लेकर प्रशासन का रवैया ऐसा था कि मानो वह बेरोज़गार युवा नहीं कोई दंगाई हों। बेरोज़गार युवा तो रोज़गार ही तो मांग रहे थे परंतु युवाओं पर लाठियां भांजी जा रही हैं। शिवराज सरकार रोज़गार के मुद्दे पर चुप है, वहां व्यापम में घोटाले पर घोटाले हो रहे हैं, परंतु उनके ऊपर आवाज उठाने वालों पर भी लाठी भांजी जा रही हैं। 

प्रदेश के मामा कहे जाने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अब कंस मामा की संज्ञा दी जा रही है। आंदोलन को कुचलने के लिए प्रशासन ने जो किया है, ऐसा आज़ादी से पहले अंग्रेज करते थे। बेरोज़गार युवाओं पर लाठीचार्ज करके शिवराज सरकार ने अपनी तानाशाही का परिचय दिया है। इसमें मामा-भांजे के रिश्ते को शर्मसार किया है, जिसे लेकर पूरे प्रदेश के युवाओं में आक्रोश है। एक यह बात भी सामने आई है कि जिन युवाओं को हिरासत में लिया गया था, इनमें से कुछ युवाओं को जंगल में भी छोड़ा गया था। बेरोज़गार युवाओं का कहना है कि जब तक हमें रोज़गार नहीं मिलेगा आंदोलन जारी रहेगा, और समय-समय पर प्रदर्शन होते रहेंगे। चाहे तानाशाह सरकार हमें गोली क्यों ना मार दे। हम हमारा हक अधिकार लेकर रहेंगे।

फीचर्ड फोटो आभार: फ्री प्रेस जर्नल

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  • शिव, मध्य प्रदेश के बड़वानी ज़िले से हैं और सामाजिक परिवर्तन शाला से जुड़े हैं। वह वहाँ के स्थानीय मुद्दों और छात्र मुद्दों पर आदिवासी छात्र संगठन के साथ जुड़ कर काम कर रहे हैं।

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