आकाशी पांडे: देखोदो अलग-अलग नदियाँकैसे एक-दूसरे की ओर बढ़ रही हैं।एक अलकनंदा,और दूसरी भागीरथी।।जल का मिलना तो सहज है,पर उनके… READ MORE
दीपा मेहरा : बचपन में दादाजी से जोशीमठ और औली की कहानियाँ सुनकर मन में एक अनोखा उल्लास और जिज्ञासा… READ MORE
डॉ पूरन जोशी : किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा को सही ढंग से समझने से पूर्व यह आवश्यक है कि… READ MORE
ख़ीमा जेठी: उत्तराखंड की सबसे कम जनसंख्या वाली जनजाति ‘राजी जनजाति’ है। यह जनजा ति एक अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत को… READ MORE
महिपाल मोहन : उत्तराखंड के वन गुज्जर का इतिहास– आज अगर हम मनुष्य के इतिहास में जाकर देखते हैं तो… READ MORE
श्रुतिका साह: छलांगो और छलांगो…कभी आसमां जकड़ने की कामना से छलांगो,कभी तपते सूरज को लाठी पर से सरकाने की उम्मीद… READ MORE
सिद्धार्थ: ये बात साल 1994 की है, मेरी उम्र तब 9 साल की थी और मैं मेरे परिवार के साथ… READ MORE
युवानिया डेस्क: बल्ली सिंह चीमा का जन्म 2 सितम्बर, 1952 में चीमाखुर्द गाँव, अमृतसर ज़िला, पंजाब में हुआ था। इनकी… READ MORE
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गोपाल लोधियाल : उत्तराखंड के चमोली जिले में जहाँ से अलकनंदा बह रही है, इसके सिरहाने पर बसे हुए हेलंग… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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