वंदना टेटे: डेमटा की चटनीऔर छिलका रोटीलेकर हम बैठे हैं आबातुम्हारे साथ खाने के लिएआओ आओजब तक कि तीर बन… READ MORE
शबनम: राजस्थान के सिरोही जिले में वालोरिया नाम का गाँव है जिसमें भील समुदाय के लोग रहते हैं। इस गाँव… READ MORE
कोर्दूला कुजूर: एक व्यक्ति को सम्पूर्ण होने के लिए उनके अन्दर सौन्दर्य बोध का होना अनिवार्य है। क्योंकि उसके बिना… READ MORE
युवानिया डेस्क: यह पॉडकास्ट नीतिशा खलखो द्वारा डॉ. शांति खलखो के लेख पर बनाया गया है। कर्म पर्व, प्रकृति प्रेम… READ MORE
आलोक मौर्य: प्राचीन जंगल में शासकों ने स्वयं के कल्याण हेतु तथा आम जनता का शोषण करने के लिए विभिन्न… READ MORE
अरबिंद भगत: हम अच्छे भले जी रहे थेइस दुनिया से दूर,जिसे सभ्य कहा जाता है आज। हम जी रहे अपनी… READ MORE
यह कविता पावरी भाषा में लिखी गयी है। यह भाषा पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे लगे महाराष्ट्र के भील, पावरा… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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