विलसन एक्का: वर्तमान समय में आदिवासी सवाल और उसकी चुनौतियाँ – वर्तमान समय को केवल एक ऐतिहासिक कालखंड मान लेना… READ MORE
अमित: हमारी गौकरण भाई से पहली मुलाकात छत्तीसगढ़ के तिल्दा स्थित एकता परिषद के सेंटर पर हुई थी। हम लोग… READ MORE
अफ़ाक : जंगल और पहाड़ हमको हमेशा अपनी ओर खींचते रहे हैं। बतौर पर्यटक हम बाहरी सुंदरता देखते-समझते हैं। दो-चार… READ MORE
अंतरसिंग निगवाले: “भले ही स्याही के रंग से कलम चलाने वाले कलमकारों ने जिनका इतिहास गुमनाम करने का प्रयास किया,… READ MORE
बिन्दु द्वारा संकलित : सितंबर 2024 में हुई भारी बारिश ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर ज़िले के रुद्रापुरा गाँव में… READ MORE
राजकुमार सिन्हा: भारत में आदिवासियों/मूलनिवासियों का जंगलों से रिश्ता सहअस्तित्व के सिद्धांत पर आधारित है। ऐतिहासिक दृष्टि से वन एवं… READ MORE
विलक्षण बौद्ध: अन्तर्राष्ट्रीय मूलनिवासी-आदिवासी दिवस के अवसर पर भारत के सभी मूलनिवासियों (अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्गों एवं धर्मान्तरित… READ MORE
सलोमी एक्का: झारखंड में महिलाएँ अपनी समाज व्यवस्था में आज भी दोयम दर्जे के नागरिक के रूप में जी रही… READ MORE
दीपा कच्छप: मैं दीपा, उरांव समुदाय की लड़की हूँ। आज से लगभग 5-6 साल पहले मैं रांची, झारखंड में… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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