क्या हम आज़ाद हो गए ?

विश्वजीत नास्तिक: एक ही दुनिया में कहीं सुबह है तो कहीं रात,कहीं विकसित देश है तो कहीं विकासशील राज्यकहीं सब चीजों से संपन्न शहर है

Continue reading

25 सालों से राजस्थान में जातिगत शोषण के खिलाफ संघर्षरत – नारायणी भील

प्रेरणा: ऊंच-नीच, छुआछूत और जाति आधारित भेदभाव आज भी समाज में देखने को मिल जाता है। समाज का सारा ठेका इन तथाकथित ऊंची जाति वाले

Continue reading

आखिर हम लोग ऐसे क्यों हैं?

कोरोना महामारी के समय भी कालाबाज़ारी! अमित: आजकल एक बात बहुत चल रही है सोशल मीडिया में कि हमारे देश के लोग ऐसे क्यों हैं

Continue reading

देश के युवा, आईएएस के “साहब” और संसाधनो का बेतरतीब आवंटन

डॉ. गणेश मांझी: 2019 में लगभग 11.35 लाख और 2020 में लगभग 10.6 लाख लोगों ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए आवेदन दिए थे और

Continue reading