राकेश जाधव (आरटीजेडी): जीवन एक युद्ध मैदान ही तो है!कुछ यहाँ लड़ते हैं,कुछ समझौते करते हैं।कुछ खुद के लिए लड़ते… READ MORE
गुफरान: साथियों 14 नवम्बर बीत चूका है जिसे हम सभी “बाल दिवस” के नाम से जानते हैं। बचपन से आज… READ MORE
Mudita Chandra: In the desert’s heart, they rise from dust and denial,Bhil, Rajput, Meena,names etched by caste and survival.Their veils… READ MORE
श्रुतिका शाह : लहू देखा है आपने, महसूस किया है कभी?मैं पूछता हूँलहू देखा है आपने, महसूस किया है कभी?नब्ज़… READ MORE
हफ़्सा नाज़: मैं माँ बन गई हूँ यक़ीन-सा नहीं आता है।एक मासूम-सा चेहरा मानों पूरी ज़िंदगी बन गया है।कहाँ मैं… READ MORE
हफ़्सा नाज़: सुना है मौसम बहुत ख़ुशगवार हैसुना है मौसम बहुत ख़ुशगवार है।।उनके लिए जिन्हें मौक़ा मिल गया हैखुलेआम रेप… READ MORE
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साक्षी उइके: आधार भूत वैधानिक कानून का प्रावधान है।हम भारतीयों का यही अभिमान हैं।ब्रिटेन का प्रथम अलिखित विधान है।विश्व में… READ MORE
सौरभ : हम सब..सारे लोग..पेड़ और पौधे..नदी और झरने,सारे पशु..सारी पक्षियाँ..सारे कीड़े..और मकौड़े..हम कितने भी अलग होंपर हम सब एक… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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