सलोमी एक्का: झारखंड में महिलाएँ अपनी समाज व्यवस्था में आज भी दोयम दर्जे के नागरिक के रूप में जी रही… READ MORE
ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह: एक सदी से केवल घर की नींव पूजने वालों सुन लो;इक दिन तुमसे ये दीवारें कुंठित होकर… READ MORE
कोर्दुला कुजूर: (कुड़ुख कविता) अयंग गही लोला चोन्हा अयंग नमन मेख़ा लगी ब’आ लगी,चोआ हरो हे ओरमा आलारों निजड़ा नीम… READ MORE
|
शशांक शेखर: आज धरती आबा बिरसा मुंडा की जयन्ती है और झारखण्ड स्थापना दिवस भी। झारखंड राज्य गठन हुए पूरे… READ MORE
मोहन सिंह: जब से बनी रे सरकारलूट रही जनता को – 2जनता को भाई जनता को – 2 मनमाने कानून बनाए.. जनता की… READ MORE
(भीली भाषा का यह गीत खासकर कॉलेज, चुनाव व सामाजिक कार्यक्रमों में गाया जाता है।) जागो रे जागो आदिवासी भाइयो,… READ MORE
संगठित रहेंगे, संघर्ष करेंगे एकता बनाके आगे बढ़ेंगे READ MORE
जसिंता केरकेट्टा: हम नहीं जानते थे कैसी होती है कोई सरकारजन्म लेते और होश संभालते ही हमने देखा सिर्फ़ जंगल… READ MORE
छोटूसिंह रावत:(महिला जन अधिकार समिति ,अजमेर, राजस्थान) आज आवश्यकता है झूठी अफ़वाहों, भड़काऊ संदेशों से दूर रहने की;आज आवश्यकता है… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress