डॉ. रिचर्ड टोप्पो एवं जेरोम जेराल्ड कुजूर: पलामू व्याघ्र परियोजना दिन प्रतिदिन लातेहार ज़िले के आदिवासियों के लिए परेशानी का… READ MORE
एक पहाड़ी ढलान पर बसा लगभग 25 हज़ार की आबादी वाला यह शहर निरंतर दरक रहा है, धंस रहा है।… READ MORE
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धर्मेन्द्र यादव: सन् 2008 में एक एनेमीशेन फिल्म आई, वॉल-ई। इस फिल्म में दिखाया गया कि किस तरह से दुनिया… READ MORE
उमेश्वर: हम हसदेव के आदिवासी हैं, आक्सीजन बचाने का संघर्ष करते हैं साहब। जल जंगल जमीन बचाना हमारा धर्म है, … READ MORE
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अन्नपूर्णा महालिंग: ବିଗତ ଦୁଇ ଶହ ବର୍ଷରେ ମନୁଷ୍ୟ ଯେତିକି ଉନ୍ନତ ଶୌଲିର ଜୀବନ ଯାପନ କରି ଆସିଛି ତାହା ଗତ ଦୁଇ ହଜାର ବର୍ଷରେ ଘଟିନଥିଲା।… READ MORE
जतिलाल सोलंकी: बहुत पुराना है यह वट वृक्ष,घना जंगल था इसके आसपास। प्रातः काल सूर्य उदय के समय,गूंजती थी पक्षियों… READ MORE
वीरेंद्र दुबे: मध्य प्रदेश के छतरपुर ज़िले में स्थित बक्सवाहा के जंगल, दमोह और पन्ना ज़िलों से लगे हुए हैं,… READ MORE
उमेश्वर: विकास बेटा की चाहत में, मैंने नदी नाला पहाड़ खोद डालाबेटा विकास कहां छिपा है तू?बड़े-बड़े पावर प्लांट चिमनी… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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