तन्मय और शो: शो: हम्म…मेरे आंगने में तुम्हारा क्या काम है? तन्मय: क्या बात है… सुबह-सुबह रेडियो चालू? शो: अरे…… READ MORE
लाल प्रकाश राही : हम पौधे और बीज लगाते है, वे शाखाएं लगाते हैं,हम धान रोपते हैं और फसल उगाते… READ MORE
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अभिलाषा श्रीवास्तव और असीम हसनैन द्वारा: धनक स्टोरी मुकेश और फातिमा की मुलाकात 2004 में एक ऑनलाइन चैट रूम में… READ MORE
नौशेरवां आदिल: न जलसों से न जुलूसों से,न दरगाह पर चादर फूल चढ़ाने से, पूजा से न आरती से,न भगवान… READ MORE
आफाक: विकास की बयार में घर, मकान और दुकान के साथ बहुत कुछ उजड़ रहा है। हमारा गाँव पहाड़गंज घोसियाना… READ MORE
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अफ़ाक उल्लाह: हम सभी किसी न किसी धर्म से जुड़े हुए हैं। हमारे प्रत्येक क्रियाकलाप में धार्मिक मान्यताएं शामिल हैं।… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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