महेश्वरी: मैं महेश्वरी हूँ। मेरा जन्म 10 मई 1996 को मेरे गृह ग्राम अलगीडाँड़, जिला कोरबा, छत्तीसगढ़ में हुआ। मेरे… READ MORE
गिरीश कुमार: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के गोंड बाहुल्य आदिवासी गाँवों में कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि प्रकृति,… READ MORE
गिरीश कुमार: छत्तीसगढ़ को लंबे समय से “धान का कटोरा” कहा जाता रहा है। यह पहचान जहाँ एक ओर धान… READ MORE
मानुराम कुमेटी: मैं अपने क्षेत्र में देखता हूँ कि अबूझमाड़ क्षेत्र के लोग अपने आप को बदलाव की ओर ले… READ MORE
मंजुलता मिरी: देश में मज़दूर वर्ग हमेशा से कठिन परिस्थितियों में जीवन जीता आया है, लेकिन दलित और आदिवासी समुदाय… READ MORE
मंजूलता मिरी: ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में महिलाओं के पास भूमि स्वामित्व न होना उनकी सबसे बड़ी असुरक्षा रही है।… READ MORE
Aali Dadhich : I have always wondered about how the idea of land as a resource-static, permanent, something to be… READ MORE
युवानिया: ओडिशा से विश्व आदिवासी दिवस के जश्न की तस्वीरें मध्य प्रदेश से विश्व आदिवासी दिवस की झलकियाँ झारखण्ड में… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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