राहुल: आधुनिक औद्योगिक पूॅंजीवाद को अपनी स्थापना के समय एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा – काराखानों में काम… READ MORE
राजिम केतवास: मई दिवस की विरासत संघर्षों की विरासत है, लेकिन आज इस विरासत पर धूल-मिट्टी डाली जा रही है… READ MORE
(संप्रभु बॉन्ड की हकीकत) डॉ राहुल बैनर्जी: सभी संप्रभु देशों की सरकारें, देश के विकास के लिए धन जुटाने के… READ MORE
लाल प्रकाश राही: पेट की भूख, रोटी का व्यास खींच ले गया उसे परदेश वह मज़दूर था, देश का भाग्य… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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