नौशेरवां आदिल: मेरा नाम नौशेरवां आदिल है और मैं अल्लाह, भगवान, ईश्वर, God को एक खुला पत्र लिख रहा हूँ। … READ MORE
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नमिता पूनम: पइढ़-लिख के भी जिनगी,ढ़पियाते दिन जाथे!आइज हिञा तो काइल हुवां कर,चक्कर काटते दिन सिराथे।१। गांव- समाज में तो… READ MORE
आशीष कुमार: प्राइवेट सफाई कर्मियों की पूरी ज़िंदगी प्राइवेट कर्मचारी के रूप में गुज़रती है। हम अगर अपने शहर फैज़ाबाद… READ MORE
नंदिनी शर्मा : कभी-कभी बातों से लड़-झगड़कर उलझनों में गुम हो जाते हैं….सब की खुशी का ध्यान कर फिर न… READ MORE
चंचल:हमारे संविधान में समता का अधिकार एक महत्वपूर्ण मूल्य है। हम भारत के लोगों को इस मूल्य को मजबूत बनाने… READ MORE
नीतिशा खलखो: कुमार : पता है कल यूनिवर्सिटी में फ़िल्म स्क्रीनिंग के दौरान मारपीट हो गई? नितिन : कौनसी फ़िल्म… READ MORE
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सदरे आलम: मैं हूँ बवानाबवाना पुनर्वास कॉलोनीकुछ लोग मुझे बवाना जे. जे. कॉलोनी के नाम से भी पुकारते हैंमुझे कहाँ-कहाँ… READ MORE
कलादास: क्या आप बस्तर को जानते हैं?घने वनों से आच्छादितखनिज संपदा का भण्डारअपने अंदर समेटे हुएआपार खनिज संपदाआधुनिक चकाचौँध सेबहुत… READ MORE
धर्मेन्द्र यादव: कचरा शब्द जैसे ही हमारे ज़ेहन में आता है, हमारे दिमाग में एक तस्वीर बनती हैं गंदगी, मैला,… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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