नौशेरवां आदिल:
मेरा नाम नौशेरवां आदिल है और मैं अल्लाह, भगवान, ईश्वर, God को एक खुला पत्र लिख रहा हूँ।
ऐ अल्लाह, भगवान, ईश्वर और God, मैंने आप सभी के बारे में बहुत सुना है और थोड़ा-बहुत पढ़ा भी है। थ्योरी तो बहुत हो गई है पर अब मैं आप सभी कंपनियों के C.E.O से हाथ जोड़कर निवेदन करना चाहता हूँ कि आप सब अपने स्तर पर प्रैक्टिकल करके दिखाएँ।
मेरा सभी धर्म के धर्मगुरुओं से एक निवेदन है कि आप अपनी अदृश्य शक्ति, जिसे आप इस जग का पालनहार मानते है, जिस पर आपके धर्म की बुनियाद है, उन्हें आप धरती पर बुलाएँ, या किसी भी नियम-कानून के ज़रिये उन्हें इस दुनिया के हालात से रूबरू कराएँ और जल्दी फैसला करने को कहें। जितनी इबादत, तांडव, हवन, आराधना करनी हो, करे और कहें कि कोई चमत्कार करें और धरती के हालात सुधारने के लिए कुछ करें।
संभी धर्मगुरु कहते हैं कि ऊपर वाले के बिना एक पत्ता भी नहीं हिल सकता तो फिर इस दुनिया में जो कुछ हो रहा है उस पर उनका कोई प्रभाव क्यों नहीं दिखता? मैं सभी धर्मगुरुओं से कहूँगा कि अगर कोई अदृश्य शक्ति है, तो उन्हें ज़मीन पर उतारिए और कहिए कि इंसान द्वारा मासूम लोगों की जान उनके मर्ज़ी के खिलाफ ली जा रही है। उसकी रहमत से बनाई गई लक्ष्मी यानी बेटी का जीवन मुश्किलों में गुज़र रहा है। उसके खिलाफ और बढ़ते ज़ुल्म के खिलाफ अपनी छड़ी घुमाने को बोलें और जादू से इसे ठीक करने की पहल करें। नहीं तो आप सभी उनके नाम पर इंसानों को डराना बंद कर दीजिए और इन्सान को समझाएं कि उनके भरोसे नहीं, खुद आगे बढ़कर अपने भरोसे इन अन्यायों के खिलाफ खड़े हों।
मैं सोचता हूँ सब जगह कोलाहल हो रहा है, तो क्या यह सब उपरवाला करवा रहा है, यदि हाँ तो ऐसा क्यों? और यदि यह वह नहीं करवा रहा है तो फिर यह सब ऐसे कैसे हो रहा है?
मैं आपसे निवेदन करना चाहता हूँ कि :
- फिलिस्तीन में मासूमों की जान, माल, इज्जत–आबरू की हिफाजत करें। इजराइल और फिलिस्तीन के बीच की लड़ाई बंद करवाएँ और फिलिस्तीन को इंसाफ दिलाएँ।
- रूस और यूक्रेन के बीच की लड़ाई भी बंद करवाएँ और वहाँ के बेगुनाहों को इंसाफ दिलाएँ।
- पाकिस्तान और भारत के बीच अमन कायम करवाएँ और जम्मू-कश्मीर के मामले का भी किसी जरिए से हल निकालें। दोनों तरफ की सरकारों को सद्बुद्धि दें और मामले का निष्पादन करवाएँ।
- अमेरिका, चीन, रूस, उत्तर कोरिया के बीच के मामलों को शांत करवाएँ और उन सभी के दिलों में एक-दूसरे के प्रति मोहब्बत पैदा करें। उनकी बढ़ती लालसा को कम करें।
- लड़कियों का आए दिन रेप हो रहा है, उनके साथ बदसलूकी हो रही है, हर स्तर पर उन्हें सताया जा रहा है, उनका शोषण हो रहा है। हूर के मालिक (योद्धा) द्वारा, उन बेटियों को इंसाफ दिलाएँ (चाहे अपने फरिश्ते भेजें या अवतार लें, कुछ भी करें, वह आप पर है)। समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना को जगाएं तभी यह सब रुक सकेगा।
- हर रिश्ते में आ रही दरार को दूर करें। सभी को अपने-अपने में लगे रहने से रोकें और सबकी चिंताओं को कम करें।
- जंगलों को उजाड़े जाने से बचाएँ ।
- गरीबी-अमीरी के बीच की खाई को खत्म करें। सभी को एक समान बनाएँ।
- अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग कारणों से हो रहे नरसंहार को रोकने के लिए अपने फरिश्ते भेजें और इस दुनिया में जो भी बुराई चल रही है, उन सभी पर भी ध्यान दें।
मैं आप सभी अदृश्य शक्तियों को यह पत्र लिखकर अपने मन की बात इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि बचपन से मैं सुनता आ रहा हूँ कि आपके बिना एक पत्ता भी नहीं हिल सकता। तो फिर दुनिया में इतना कुछ हो कैसे गया? क्या यह सब आप ही कर रहे हैं क्योंकि कुछ लोग आपकी पूजा नहीं करते, आपकी आराधना नहीं करते, या वे भटक गए हैं? क्या आप उनसे बदला ले रहे हैं?
क्या आप सच में हैं या केवल कल्पना मात्र हैं? अगर हैं, तो कहाँ हैं? और कब आप इस दुनिया के हालात को सुधारने के लिए कदम उठाएँगे? कब आप अपनी शक्ति दिखाएँगे? कब बहन, बेटियों, बहुओं और बेगुनाही की जान की हिफाज़त करेंगे? इंसानों के दिल और दिमाग में कब आप मोहब्बत की भावना पैदा करेंगे?
मैंने निर्णय लिया है कि बहुत हो गया धर्म के नाम पर पूजा-पाठ, इबादत, धर्मगुरुओं के कहने पर चलना। अब मैं धर्म के कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा नहीं लूंगा। अब मैं केवल आपको याद नहीं करूँगा और आपकी हिफाज़त के लिए अपनी जान निछावर नहीं करूँगा। अब मैं चाहता हूँ कि आप भी मेरी हिफाज़त करें, तभी मैं आपकी हिफाज़त करूंगा। अब एकतरफा इबादत, पूजा-पाठ नहीं चलेगा। यह बदले की दुनिया है। अगर यह दुनिया ऐसी बनी है, तो ऐसी ही सही।
मैं अचंभित हूँ कि दुनिया में इतना तहस-नहस क्यों हैं जबकि पूरी दुनिया पर हुकूमत आपका है। अब आप इसको सुधारने की ज़िम्मेदारी भी लीजिये। अब आपको अपने अस्तित्व को बचाने के लिए काम करना ही होगा सही दिशा में काम करे, नहीं तो एक दिन आपके नाम पर जो आडंबर चल रहा है, वह पूरी तरह मिट जाएगा। अपने अनुयायियों को सपने में जाकर समझा दीजिए और उन्हें सही दिशा निर्देश दे दीजिए और सद्बुद्धि प्रदान कीजिए ।।

Leave a Reply