नीतिशा खलखो: #1 चलो पितृसत्ता तोड़ें कुमार : ये स्कूल वाले हर दिन क्या ही बच्चों को हु हा सिखाते… READ MORE
चंचल:हमारे संविधान में समता का अधिकार एक महत्वपूर्ण मूल्य है। हम भारत के लोगों को इस मूल्य को मजबूत बनाने… READ MORE
सिम्मी : अगर सिनेमा की बात की जाए तो यह सिर्फ मनोरंजन का एक साधन है। जिसको देखने भर से… READ MORE
Taniya Laskar: One particular issue around which the political life of people in Assam has evolved over the last four… READ MORE
प्रथ्वीराज सिंह: ” कुछ पल भले हीमृत्यु के होंहोते हैं उत्सव जैसे जैसे रात सोयेखाने के बाद औरसुबह की चाय… READ MORE
रोजालिया तिर्की: छोटका मुर्मू उम्र 18 वर्ष, ग्राम-पंचवाहिनी, ज़िला दुमका, झारखण्ड का स्थाई निवासी है। वह अपने 20 साथियों के… READ MORE
सलोमी एक्का: मुर्गे की बांग सुनकरभोरे उठकर सबके लिएभोजन पकाती।झटपट-झटपट घर का काम निपटाती,साग-भात टिफिन में भरकरनिकलती काम की तलाश… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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