सुनील चौहान:(यह लेख़क के अपने विचार हैं।) “क्या मरना ही एक रास्ता है??” “क्या मरना ही एक रास्ता हैं??” … READ MORE
गोपाल पटेल: ज़िंदगी हमारीइम्तिहान ले रही।सब्र हमाराधैर्य को परख रहा। वाज़िद होकर भी,इस डगर कोअपने आप हीसंभाल रहे हम… लक्षित… READ MORE
अमित भाई: जबसे यह पता चला है कि हमारे देश में 40 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या युवाओं की है, इनकी… READ MORE
प्रेरणा: अभी सुन रहे हैं कि सरकार ने एक नया बिल पेश किया है जिसमें लड़कियों की शादी की उम्र… READ MORE
छोटूसिंह रावत: 18 साल की उम्र के बाद हम सभी को वोट देने का अधिकार है और हम अपना नेता,… READ MORE
गोपाल पटेल: माँ प्रकृति ने पाला मुझे,संवारा है, बड़ा किया है। लालन-पालन भी किया तूने,मुझे इतना प्रेम दिया तूने.. ।… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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