सबिता बनर्जी : दरिंदगी में पिसती बेटियां,कभी निर्भया, कभी संजली,कभी फुलन, कभी मधुमिता,ये तो वो नाम हैं जो दरिंदगी की… READ MORE
नीतिशा खलखो: #1 चलो पितृसत्ता तोड़ें कुमार : ये स्कूल वाले हर दिन क्या ही बच्चों को हु हा सिखाते… READ MORE
मैत्री शर्मा : नारी हो तुम नारीसारी गलती है तुम्हारीइस नारी देह में जन्म लियाक्यूँ न इसे ठुकरा दिया।तुम क्यों… READ MORE
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रिया खत्री और रोहित: हाल ही में, सरकार ने 18 से 22 सितम्बर 2023 तक संसद का एक विशेष सत्र… READ MORE
लड़कियों को परिवारों द्वारा मज़बूत पितृसत्तात्मक मान्यताओं और प्रथाओं के साथ पाला जाता है। कंडीशनिंग ऐसी है कि अधिकांश लड़कियां… READ MORE
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एड. आराधना भार्गव: अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गर्भपात से जुड़े पचास साल पुराने फैसले को पलट दिया। अमेरिकी सुप्रीम… READ MORE
सिद्धार्थ: अमृता प्रीतम भारतीय साहित्य के कुछ उन चुनिन्दा नामों में से एक है जिन्होंने अपनी लिखावट को किसी एक… READ MORE
विकास कुमार: मुम्बई के एक फ्लाईओवर की ऊँचाई पर पहली बार पहुँचकर, अपने पुराने से कबाड़ साईकल पर सवार कश्मीरी… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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