नेहा कुमारी: भीमराव थे बहुत महानकरते थे सबका सम्मान।। छुआछूत से था लाचारसंविधान लिखकर बना अपार।। दलित के नाम पर… READ MORE
युवानिया डेस्क : यह लेख लोकमत पत्रिका में से पुनः प्रकाशित हुआ है – माझे बालपण खेड्यात गेले. घरची परिस्थिती… READ MORE
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साक्षी उइके: आधार भूत वैधानिक कानून का प्रावधान है।हम भारतीयों का यही अभिमान हैं।ब्रिटेन का प्रथम अलिखित विधान है।विश्व में… READ MORE
युवानिया डेस्क : संविधान दिवस जिसे “राष्ट्रीय कानून दिवस” के रूप में भी जाना जाता है, भारत में हर साल… READ MORE
दिपक कांबळे: संविधान आपल्या जीवनाबरोबर आणि जीवनानंतरही आहे। आपल्या जन्मा आधीपासून ते मृत्यूनंतर सुद्धा संविधान आपल्या सोबत असते, आपल्या हितासाठी… READ MORE
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राजू और स्वप्निल: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछले कुछ दिनों में 20 भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता, पार्टी… READ MORE
एड. आराधना भार्गव: प्राचीन काल में कबीलाई समाज के समय, महिला परिवार व कबीले की मुखिया होती थी। समाज में… READ MORE
ପ୍ରଫୁଲ୍ଲ କୁମାର ମିଶ୍ର (प्रफुल्ला मिश्रा): ଫେରାଇ ଆଣ ସେ ପୁରୁଣା ଭାରତ ନୁଆ ଭାରତରେ ନାହିଁ ମନ, ନୂଆ ପୁରୁଣାର … READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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